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छत्तीसगढः जी चुरेंद्र होंगे कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति, संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार

बता दें आचार संहिता के चलते नए कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी, जिसके चलते जी चुरेंद्र को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

छत्तीसगढः जी चुरेंद्र होंगे कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति, संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार
माना जा रहा है कि सभी कुलपति सत्ता परिवर्तन के चलते लगातार इस्तीफे सौंपते जा रहे हैं. (फाइल फोटो)

रायपुरः रायपुर आयुक्त जी चुरेंद्र को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने हाल ही में जी चुरेंद्र को कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय का प्रभार सौंपा है, जिसके बाद से जी चुरेंद्र विश्विद्यालय के कुलपति का प्रभार संभालेंगे. बता दें इससे पहले मानसिंह परमार विश्वविद्यालय के कुलपति थे, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन के ऊपर नया कुलपति चुनने का भार आ गया, जिसके बाद रायपुर आयुक्त जी चुरेंद्र को कुलपति का प्रभार सौंपा गया.

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बता दें आचार संहिता के चलते नए कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी, जिसके चलते जी चुरेंद्र को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. बता दें राज्य में जब से कांग्रेस की सरकार आई है, तब से लेकर अब तक भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए कई कुलपति इस्तीफा दे चुके हैं और ये दौर अभी भी जारी है. ऐसे में नए कुलपति की नियुक्ति प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है. इससे पहले दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति भी इस्तीफा दे चुके हैं, जिसके बाद मानसिंह परमार ने भी कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में कुलपति पद से इस्तीफा दे दिया.Chhattisgarh: G Churendra will will take the additional charge of new Vice Chancellor of Kushabhau Thakre Journalism University

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माना जा रहा है कि सभी कुलपति सत्ता परिवर्तन के चलते लगातार इस्तीफे सौंपते जा रहे हैं. वहीं यह भी बात सामने आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में जो भी कुलपति नियुक्त किए गए थे, उन्हें पद छोड़ने का पहले ही इशारा दे दिया गया था, जिसके चलते कुलपतियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रदेश के दो अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति भी अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. वहीं सरकार लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पदों पर कुलपति की नियुक्ति की बात कह रही है.