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कारगिल विजय दिवस: जब दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ को डांटते हुए कहा- 'मियां आपने ये क्‍या किया?'

अटल बिहारी वाजपेयी के साथ दिलीप कुमार भी 1997 में लाहौर यात्रा पर गए थे और इसी साल दिलीप कुमार को पाकिस्‍तान ने सर्वोच्‍य सम्‍मान 'निशान ए इम्तियाज' से भी सम्‍मानित किया था. 

कारगिल विजय दिवस: जब दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ को डांटते हुए कहा- 'मियां आपने ये क्‍या किया?'
देश आज कारगिल पर विजय की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आज से ठीक 20 साल पहले यानी 26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में भारत ने जीत हासिल की थी. देश आज कारगिल पर विजय की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस जंग में 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे और 1363 जवान घायल हुए थे. भारत ने ये लड़ाई 84 दिन में जीत ली थी. कारगिल की इस लड़ाई में सेना की बहादुरी के किस्से तो लोग बहुत जानते हैं, लेकिन कम ही लोग इस बात को जानते होंगे कि इस युद्ध के दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब भारत के तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को फोन किया था और उनकी बात बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से करवाई थी. याद दिला दें कि दिलीप कुमार भी अटल बिहारी वाजपेयी के साथ 1997 में लाहौर यात्रा पर गए थे और इसी साल दिलीप कुमार को पाकिस्‍तान ने सर्वोच्‍य सम्‍मान 'निशान ए इम्तियाज' से भी सम्‍मानित किया था. 

अटल बिहारी वाजपेयी ने कराई थी बात
नवाज से फोन पर करगिल में बढ़ती घुसपैठ से वाजपेयी काफी आहत थे. उन्‍होंने इसके प्रति अपनी नाराजगी दिलीप कुमार से भी जाहिर की थी. उन्‍होंने इस बात का जिक्र करते हुए दिलीप कुमार से कहा था कि एक तरफ शरीफ ने शांति की बात की और वहीं दूसरी तरफ सेना प्रमुख मुशर्रफ लगातार घुसपैठ कर रहा है. इस किस्से का जिक्र पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब "नाइदर अ हॉक नॉर अ डव" में किया है. इस किताब में कसूरी ने नवाज शरीफ के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे सईद मेहंदी की बताई घटना का जिक्र किया है. सईद कसूरी के क्लास फेलो और दोस्त हैं. सईद के मुताबिक एक दिन वह पीएम नवाज शरीफ के साथ थे तब फोन की घंटी बजी. फोन पर कहा गया कि भारत के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी आपसे बात करना चाहते हैं. बातचीत के दौरान वाजपेयी ने कहा कि हम तो लाहौर दोस्ती का पैगाम लेकर आए थे, लेकिन आपने बदले में हमें कारगिल जंग दे दी. इसके बाद वाजपेयी ने कहा रुकिए जरा एक साहब से आपकी बात करवानी है. 

दिलीप कुमार ने कड़क आवाज में की थी बात
सईद के मुताबिक दिलीप कुमार ने कड़क आवाज में कहा था, 'मियां आपने ये क्‍या किया... आपने हमेशा अमन के बड़े समर्थक होने का दावा किया है इसलिए हम आपसे जंग की उम्मीद नहीं करते. तनाव के हालत में भारतीय मुसलमान बहुत असुरक्षित हो जाते हैं, इसलिए हालात को काबू करने में बराय मेहरबानी कुछ कीजिए.' पाकिस्तान में उच्चायुक्त रहे पार्थसारथी के अनुसार दिलीप कुमार के साथ हुई इस बातचीत से शरीफ को बड़ा धक्का लगा था. इस बातचीत ने उसे एहसास दिला दिया था कि करगिल में पाकिस्‍तान द्वारा की जा रही घुसपैठ की हरकतों ने उनकी छवि को कितना बड़ा नुकसान पहुंचाया है.

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