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खाड़ी देशों में उत्‍पीड़न का शिकार हो रहे 42 हजार कामगारों ने सरकार से लगाई वतन वापसी की गुहार

विदेशी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते साढ़े तीन साल की अवधि में 42482 भारतीय कामगारों ने खाड़ी देशों के दूतावासों या काउंसिल में अपने नाम पंजीकृत कराए हैं. 

खाड़ी देशों में उत्‍पीड़न का शिकार हो रहे 42 हजार कामगारों ने सरकार से लगाई वतन वापसी की गुहार
खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों की हालत गुलामों से भी बदतर हो चुकी है. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: बेहतर रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों का रुख करने वाले भारतीय कामगारों को उत्‍पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. अपने उत्‍पीड़न से आजिज आ चुके इन भारतीय कागमारों ने सरकार से वतन वापसी कराने की गुहार लगाई है. विदेशी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते साढ़े तीन साल की अवधि में 42482 भारतीय कामगारों ने खाड़ी देशों के दूतावासों या काउंसिल में अपने नाम पंजीकृत कराए हैं. 

लोकसभा में विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए लिखित जवाब में बताया गया है कि इस वर्ष 30 जून तक वतन वापसी के लिए पंजीकृत कराने वाले भारतीय कामगारों की संख्‍या 5804 है. वहीं, 2016 में 12731, 2017 में 11049 और 2018 में 12898 भारतीय कामगारों ने वतन वापसी के लिए अपने नाम पंजीकृत कराए थे. वतन वापसी के लिए बीते साढ़े तीन सालों में सबसे अधिक कुवैत से 14030 भारतीय नागरिकों ने अपना नाम पंजीकृत कराया है. 

सऊदी अरब से 10959 भारतीय करना चाहते हैं वतन वापसी
विदेश मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2016 से 30 जून 2019 तक सऊदी अरब से 10959, कतर से 8257 और ओमान से 5448 भारतीय कामगारों ने अपने नाम वतन वापसी के लिए भारतीय दूतावास में पंजीकृत कराया है. वहीं, संयुक्‍त अरब अमीरात और बहरीन से वतन वापसी के लिए पंजीकृत कराने वाले 3788 भारतीय कामगार हैं. वतन वापसी के लिए पंजीकृत कराने वाले भारतीयों को वापस लाने की प्रक्रिया पर विदेश मंत्रालय काम कर रहा है. 

77 हजार भारतीय दर्ज करा चुके हैं उत्‍पीड़न की शिकायत 
विदेश मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2016 से 30 जून 2019 तक 77155 भारतीय कामगारों ने उत्‍पीड़न की शिकायत खाड़ी देशों में स्थिति भारतीय काउंसिल में दर्ज कराई हैं. जिसमें सर्वाधिक 27875 शिकायतें सऊदी अरब में रह रहे भारतीय कामगारों ने दर्ज कराई हैं. इसके अलावा, कुवैत से 14332, ओमान से 11747, कतर से 10778, संयुक्‍त अरब अमीरात से 9754और बहरीन से 2669 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. 

खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों की गुलामों जैसी है हालत 
खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों की हालत गुलामों से भी बदतर हो चुकी है. वहां पर भारतीय कामगारों से बेहिसाब काम लिया जाता है और उन्‍हें इसके एवज में समय पर वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाता है. इतना ही नहीं, खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों को न ही साप्‍ताहिक छुट्टी मिलती है और न ही उन्‍हें भारत आने के लिए परमिट दिया जाता है. कांट्रैक्‍ट खत्‍म होने के बावजूद नियोक्‍ता भारतीय कामगारों को वतन वापसी के लिए वीजा देने से इंकार कर देते हैं.