जनसंख्या पर 'जेहाद की जिद क्यों?' AIUDF सांसद बदरुद्दीन अजमल के बयान का हर तरफ विरोध

असम सरकार की दो बच्चों की नीति का AIUDF सांसद बदरुद्दीन अजमल ने विरोध किया है. अजमल ने कहा कि मुस्लिम किसी की नहीं सुनेंग, बच्चे पैदा करते रहेंगे.

जनसंख्या पर 'जेहाद की जिद क्यों?' AIUDF सांसद बदरुद्दीन अजमल के बयान का हर तरफ विरोध
अजमल के बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है.

नई दिल्ली: असम सरकार (Assam Govt) की दो बच्चों की नीति का AIUDF सांसद बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) ने विरोध किया है. अजमल ने कहा कि मुस्लिम किसी की नहीं सुनेंग, बच्चे पैदा करते रहेंगे. अजमल ने असम सरकार की नीति का आलोचना करते हुए राज्य सरकार पर मुस्लिमों को नौकरी नहीं दे रही है. मुस्लिम जितने बच्चे चाहे, पैदा करें. अजमल के बयान की आलोचना हो रही है. 

अजमल ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "इस्लाम दो बच्चों के सिद्धांत में विश्वास नहीं करता. कोई भी व्यकित किसी को दुनिया में आने से नहीं रोक सकता. सरकार येनकेन-प्रकरेण मुस्लिमों को नौकरी नहीं देना चाहती."  अजमल ने कहा कि मुस्लिम जितने बच्चे चाहें, पैदा करें और उन्हें शिक्षा प्रदान करें ताकि वे अपना व्यापार कर सके, कंपनियां और दुकानें खोल सकें जिसमें वे हिंदू भाई-बहनों को नौकरी दे सकें."

अजमल के बयान की कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने निंदा करते हुए कहा कि उनके जैसे मुस्लिम नेताओं के बयान के चलते मुस्लिम समाज पिछड़ा हुआ है. जितिन प्रसाद ने कहा, "मेरा मानना है कि स्वैच्छिक जनसंख्या नियंत्रण आज के समय की जरूरत है. बदरुद्दीन जैसे लोग धर्म की आड़ लेकर जनसंख्या के मुद्दे को गलत स्वरूप प्रदान करते हैं."