प्री वेडिंग शूट पर बवाल, उठी बैन की मांग, जानें क्या है मामला?

पिछले कुछ सालों में प्री वेडिंग शूट शादी की फोटो एल्बम से ज्यादा ज़रुरी बन चुके हैं.

 प्री वेडिंग शूट पर बवाल, उठी बैन की मांग, जानें क्या है मामला?

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में प्री-वेडिंग शूट (Pre Wedding Shoots) और कोरियाग्राफी पर जैन, गुजराती और सिंधी समाज ने रोक लगा दी है. आदेश ना मानने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जा सकता है. शादी (weddings) से पहले इस तरह के शूट्स को संस्कृति के खिलाफ बताया गया है. तो क्या अब प्री वेडिंग शूट्स नहीं होंगे..क्या कहता है युवा इस बारे मेँ.

प्री वेडिंग शूट – यानि शादी से कुछ दिनों पहले सपनों की दुनिया को जीने का एक मौका. खूबसूरत और मनचाही लोकेशंस, मनचाहे कपड़े और शादी की आपाधापी से पहले तसल्ली से शूट – पिछले कुछ सालों में प्री वेडिंग शूट शादी की फोटो एल्बम से ज्यादा ज़रुरी बन चुके हैं.

ये एक नई लक्जरी इंडस्ट्री है जो बजट के हिसाब से  किसी पार्क या किसी खूबसूरत इमारत पर ये शूट किए जाते हैं. गोवा, उदयपुर और ऋषिकेश से लेकर देश के बाहर भी लोग खासतौर पर इन शूट्स के लिए जाते हैं. वैसे भारत में एक दिन के प्री वेडिंग शूट के लिए फिलहाल 50 हज़ार से 5 लाख तक का रेट चल रहा है.

अब आते हैं उस फरमान पर जो भोपाल में जैन, गुजराती और सिंधी समाज ने जारी किया है. भोपाल के जैन और गुजराती समाज की पंचायत ने शादी से पहले प्री वेडिंग शूट और लेडीज संगीत कार्यक्रमों में कोरियोग्राफर बुलाकर डांस सीखने सिखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. बैन के पीछे तर्क ये है कि ये हमारी संस्कृति के खिलाफ है.

शादी के बंधन में बंधने से पहले एक दिन के लिए लड़के और लड़की का बॉलीवुड स्टाइल में हीरो और हीरोईन का किरदार निभाना.... फिर अपनी इस फिल्म को फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया एकाउंट्स पर रिलीज़ करना....कुछेक मामलों में ये उल्टा पड़ जाता है जब किसी वजह से शादी ही टूट जाए. लेकिन आज की जेनरेशन ये रिस्क लेने के लिए तैयार लगती है.