दिल्ली: झुग्गी में रहने वाले 65 हजार परिवारों को CM केजरीवाल ने दी सौगात, अब नहीं छिनेगी छत

केजरीवाल ने कहा कि मुझे पता है झुग्गी में रहने वालों का दर्द क्या होता है, कई बार बुल्डोजर के नीचे लेटकर झुग्गियां बचाई हैं.  

दिल्ली: झुग्गी में रहने वाले 65 हजार परिवारों को CM केजरीवाल ने दी सौगात, अब नहीं छिनेगी छत
सर्टिफिकेट करेगा सुरक्षा कवच का काम

नई दिल्ली: दिल्ली के 65 हजार झुग्गी में रहने वाले परिवारों को सीएम अरविंद केजरीवाल ने नए साल से पहले बड़ी सौगात दी है. मंगलवार को दिल्ली सरकार की तरफ से इन 65 हजार झुग्गी में रहने वाले परिवारों को सर्वे सर्टिफिकेट दिया गया है. जिसके बाद अब कोई भी इनकी झुग्गियों को तोड़ नहीं सकेगा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अंबेडकर नगर में आयोजित सर्टिफिकेट वितरण समारोह में झुग्गी में रहने वालों को सर्टिफिकेट दिए. जिन्हें सर्टिफिकेट दिया गया है, उन्हें झुग्गी के पड़ोस में पक्का मकान बनाकर भी दिया जाएगा. तब तक झुग्गी को तोड़ा नहीं जाएगा. 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शेष रह गए लोगों को भी सर्वे कराकर सर्टिफिकेट दिए जाएंगे. अभी तक आपको झुग्गी के टूटने का डर लगा रहता था. अब इस सर्टिफिकेट के मिलने के बाद आपकी झुग्गी को कोई तोड़ नहीं सकता है. यह सर्टिफिकेट आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के हर नागरिक को इज्जत की जिंदगी मिले, इसलिए सभी प्रयास कर रहा हूं. दिल्ली के अंबेडकर नगर में शहरी विकास विभाग व दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की तरफ से आयोजित सर्टिफिकेट वितरण समारोह में शहरी विकास मंत्री सतेंद्र जैन और विधायक अजय दत्त भी मौजूद रहे.

पूरी दिल्ली में बांटे सर्टिफिकेट 

समारोह में कुछ परिवारों को सर्टिफिकेट देने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पूरी दिल्ली के साथ देशवासियों और व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए बहुत ही खुशी का दिन है. आज दिल्ली के झुग्गी वासियों को उनके सर्टिफिकेट मिल रहे हैं. जिस तरह से यहां कार्यक्रम चल रहा है. इसी तरह पूरी दिल्ली में कार्यक्रम चल रहे हैं और जिन लोगों का सर्वे हो गया है, उनको यह सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी सर्वे चल रहा है. काफी लोग अभी रह गए हैं. उनका सर्वे चलता रहेगा और उन्हें सर्टिफिकेट देते रहेंगे. आज से हमने इसकी शुरूआत कर दी है. आज 65 हजार लोगों को सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं. अब यह सर्टिफिकेट मिलने के बाद आपकी झुग्गी कोई नहीं तोड़ सकता है. यह एक तरह से आपका सुरक्षा चक्र है.

सीएम केजरीवाल ने साझा किया अपना अनुभव

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टी बनाकर राजनीति में आने से पहले और मुख्यमंत्री बनने से पहले, मैं एक एनजीओ के जरिए दिल्ली की झुग्गियों में काम करता था. कई महीने मैं खुद झुग्गियों में रहा हूं. मुझे पता है कि एक झुग्गी वाले को क्या तकलीफ होती है. किस तरह से झुग्गी वालों के सिर पर तलवार लटकती रहती है. उन्हें हमेशा डर लग रहा है कि पता नहीं कब कोई आकर झुग्गी तोड़ देगा. हमेशा डर लगा रहता है कि कब डीडीए वाले और सरकारी अफसर बुल्डोजर लेकर आएंगे और झुग्गियां तोड़ देंगे.

केजरीवाल ने कहा कि जब मैं समाजसेवी एनजीओ के जरिए झुग्गियों में काम किया करता था, तब कई बार मैं खुद झुग्गी वालों को बचाने के लिए बुल्डोजर के नीचे लेटा हूं. उन दिनों, मैंने और मनीष सिसोदिया ने कई बार झुग्गियां टूटने से बचाई थीं. उन दिनों मुझे बहुत गुस्सा आता था कि सरकार में कैसे निर्दयी लोग बैठे हैं. इनको जरा सी भी दया नहीं आती है. इतने गरीब लोग हैं. बड़ी मुश्किल से एक आदमी अपनी झुग्गी बनाता है या किराए पर झुग्गी लेता है और यह लोग बुल्डोजर चला कर तोड़ देते हैं. 

केजरीवाल ने कहा, 'तब मैंने सोचा था कि अगर कभी भगवान ने मुझे मौका दिया, तो झुग्गी वालों को इज्जत की जिंदगी देंगे. उन्हें पक्के मकान बना कर देंगे. मैं छोटा सा आदमी हूं. आज से 10 साल पहले कोई जानता नहीं था कि केजरीवाल कौन है. झुग्गी बस्तियों में काम किया करता था. यह तो पता नहीं कैसे ऊपर वाले की कृपा हुई. आप लोगों की कृपा हुई और एकदम से इस कुर्सी पर बैठाकर मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे दी. जब से कुर्सी पर बैठा हूं. मेरी हमेशा से कोशिश रही है कि सरकार किस तरह से गरीबों के लिए सबसे ज्यादा काम करे.

केजरीवाल ने विपक्ष पर साधा निशाना 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 70 साल में पूरे देश में कोई ऐसी सरकार नहीं आई है, जिसने झुग्गी वालों के लिए काम किया हो. चाहे वह सरकार किसी भी पार्टी की रही हो. सभी वोट लेने के लिए झुग्गी वालों के पास आते हैं और जीतने के बाद झुग्गियां तोड़ने के लिए बुल्डोजर भेजते हैं. पहली बार एक सरकार आई है कि जिसने पिछले पांच साल में कोई भी झुग्गी तोड़ने नहीं दी. केंद्र सरकार वाले भी जहां झुग्गी तोड़ने पहुंचे, मैं मुख्यमंत्री होते हुए भी बुल्डोजर के सामने खड़ा हो गया. पहली बार एक सरकार आई है, जिसने गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का काम किया है.

मुख्यमंत्री ने जनता से सवाल किया कि क्या आज तक कोई सरकार आई थी, जिसने सरकारी स्कूल ठीक किए. पहली बार एक सरकार आई है, जो गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही है. आपके परिवार का अच्छा इलाज कराने की कोशिश कर रही है. आपके लिए मोहल्ला क्लीनिक बना रही है. पूरी दिल्ली के अंदर अस्पताल बना रहे हैं. अस्पतालों में सारा इलाज मुफ्त कर दिया है. झुग्गियों के अंदर सड़कें और गलियां बना रही हैं. झुग्गी वालों को शुद्ध पानी दे रही है और फ्री में बिजली दे रही है.

केजरीवाल ने किया बेहतर जिंदगी देने का वादा

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे पता है कि झुग्गी में कोई मजबूरी व गरीबी में ही रहता है. पैसे होते तो ग्रेटर कैलाश जैसे इलाके में बंगला ले लेते. हर आदमी की इच्छा होती है कि उसका भी एक सुंदर सा घर हो. आपके रिश्तेदार आते हैं, तो बताने में शर्म आती है कि आप झुग्गी में रहते हैं. आपके बच्चे कॉलेज जाते हैं, तो उन्हें अपने दोस्तों को बताने में शर्म आती है कि वे झुग्गी में रहते हैं. अब आपका यह छोटा भाई यह जिम्मेदारी लेता है कि आपको पक्का मकान बनवा कर दूंगा.
 केजरीवाल ने कहा कि आपको इज्जत की जिंदगी दूंगा. ऐसी जिंदगी दूंगा कि आपको फक्र होगा. इससे पहले हमारी सरकार ने 5 हजार लोगों को शिफ्ट कर दिया. पटपड़गंज और कई इलाकों में झुग्गियां थीं, उन लोगों को पक्के मकान बना कर दे दिए. जैसे आज हमने सर्टिफिकेट दिए हैं, उसी तरह कार्यक्रम आयोजित कर हमने फ्लैट की चाभी उनके हाथों में दी थी. उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे. उन्होंने कहा कि इतनी इज्जत आज तक किसी ने नहीं दी. वे लोग खुद अपनी-अपनी झुग्गियां तोड़कर अपने फ्लैट में गए.

केजरीवाल ने कहा कि दो माह बाद मैंने खुद उनके पास जाकर पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं है. अब वहां सब खुश हैं. उनको इज्जत की जिंदगी मिली है और अब आप लोगों को भी इज्जत की जिंदगी देंगे. आज सर्टिफिकेट मिल रहे हैं. इसके बाद अब कोई भी आपकी झुग्गी तोड़ने नहीं आ सकता. अब आप लोगों को दिल्ली सरकार पक्के मकान बना कर देगी. जब पक्के मकान बन जाएं, तब खुद आप अपनी झुग्गी तोड़कर जाना. कोई दूसरा आपकी झुग्गी नहीं तोड़ेगा.

केजरीवाल ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आपके लिए स्कूल, पानी, शौचालय, सड़क और दवा का इंतजाम कर दिया और अब सीवर लाइन भी पड़ रही है. महिलाओं के लिए डीटीसी बस का सफर फ्री कर दिया है. आपको तीर्थयात्रा पर भी लेकर जा रहे हैं. जो बुजुर्ग अभी तक तीर्थयात्रा पर नहीं गए हैं, वे लोग अपने विधायक के पास जरूर अपना नाम लिखवा देना. विकास की गाड़ी बहुत तेजी से चल पड़ी है. अब इसे रुकने मत देना. अभी 100 की स्पीड से चल रही है. अब आने वाले चुनाव में ऐसा धक्का मारना कि 200 की स्पीड से दिल्ली चल पड़े.

केजरीवाल ने कहा कि पिछली बार आपने 70 में से 67 सीटें दी थीं. इस बार 70 में से 70 सीटें दे देना. सर्टिफिकेट को लेकर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. जिनका सर्वे हो गया है उन सभी लोगों को सर्टिफिकेट मिल जाएंगे. जिनका अभी तक सर्वे नहीं हुआ है, उनका सर्वे करा दिया जाएगा. जब तब मैं हूं, किसी बात की चिंता मत करना. 

सीएम ने अपने हाथों से बांटे सर्टिफिकेट

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शीला देवी, गीता, प्रीति, आरती, साहिदा, सरजाना बानो, सोना, जमीर अहमद मुन्नी बेगम, सुमित, राजकुमार, संतोष, मधु व मंदो आदि को अपने हाथों से सर्टिफिकेट दिया. शेष लोगों को विभाग की तरफ से सर्टिफिकेट दिया गया. इससे पहले शहरी विकास मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले लोगों का सर्वे चल रहा है. आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 65 हजार झुग्गी वालों को सर्टिफिकेट दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने अभी तक बिजली, पानी और महिलाओं का बस सफर मुफ्त कर दिया है. गुजरात के मुख्यमंत्री ने अपने लिए 191 करोड़ रुपये का हैलिकॉप्टर खरीदा है, जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 140 करोड़ रुपये खर्च कर महिलाओं का बस में सफर मुफ्त किया है. 

इस तरह का होगा सर्टिफिकेट

दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिन झुग्गी बस्ती वालों को सर्वे सर्टिफिकेट देगी, उसमें कई बातों का उल्लेख होगा. 2019-20 में कराए गए सर्वे सर्टिफिकेट में झुग्गी का नंबर, झुग्गी में रहने वाले परिवार के मुखिया का नाम और परिवार के साथ फोटो, कोड संख्या, सर्वे कोड संख्या और लाभार्थी परिवार के वोटर आईडी कार्ड का नंबर दर्ज होगा.

मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए ऐसे हुआ सर्वे का काम

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) गरीबों को पक्का आवास मुहैया कराने के लिए सर्वे का काम कर रही है. झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों के लिए आवास की कुल मांग का आंकलन करने के लिए 675 झुग्गी बस्तियों में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण का काम हुआ. जिससे यह पता चला कि इनके लिए कितने आवास की आवश्यकता है. पूर्व में दिल्ली स्लम और झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास और पुनर्वास नीति, 2015 के नाम से जानी जाने वाली मुख्यमंत्री आवास योजना (एमएमएवाई) के तहत झुग्गी समूहों के पुनर्वास के लिए यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है. इसके आधार पर ही पात्र लोगों का चयन हुआ. जिसके बाद दिल्ली सरकार झुग्गी में रहने वाले प्रत्येक परिवार को सर्वेक्षण प्रमाण पत्र जारी किया. जिसमें परिवार की तस्वीर के साथ स्थान, झुग्गी नंबर है. यह सर्वेक्षण आने वाले वर्षों में गरीबों के लिए घरों के निर्माण की मांग का आंकलन करने में सरकार की मदद करेगा.

सर्वेक्षण प्रमाण पत्र में है परिवार की पूरी जानकारी

ऐप-आधारित इस डिजिटल सर्वेक्षण में परिवार के सदस्यों के चित्रों के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत पहचान प्रमाण पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल आदि की तस्वीरों के साथ झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों के बारे में पूरी जानकारी है. इसमें यह पता लगेगा कि परिवार कितने वर्षों से झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है और प्रत्येक घर में व्यक्तियों की संख्या कितनी है. इससे आवंटन प्रक्रिया के दौरान बाद में अनुचित दावों को रोकने में मदद मिलेगी.

DUSIB अधिकारियों की देखरेख में एक स्वतंत्र एजेंसी से सर्वेक्षण कराया गया. ऐप-आधारित सर्वेक्षण भू-निर्देशांक के साथ एक ऑनलाइन डेटाबेस पर सभी जानकारी को एकत्र किया. जिसे अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन एक्सेस और सत्यापित किया गया. इससे सर्वे को त्रुटि मुक्त और फर्जीवाड़ा मुक्त बनाया गया.

इस योजना के तहत पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को पक्के फ्लैट आवंटित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री आवास योजना- 2015 का प्राथमिक फोकस इन-सीटू मोड पर है. जिससे मौजूदा झुग्गी के पांच किलोमीटर के दायरे में पुनर्वास की योजना है. जिससे पुनर्वास करने वाले लोगों के जीवन में न्यूनतम व्यवधान हो. केवल विशेष परिस्थितियों में दूर पुनर्वासित किया जाएगा. वह भी तब जब पांच किलोमीटर के दायरे में आवास उपलब्ध कराना संभव न हो. वर्तमान समय में दिल्ली सरकार शहर में प्रमुख स्थानों पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 5500 नई आवास इकाइयों का निर्माण करा रही है.

एक नजर में DUSIB

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) दिल्ली सरकार का वह विभाग है जो दिल्ली की मलिन बस्तियों की देखभाल करता है और उनके पुनर्वास की दिशा में काम करता है. दिल्ली सरकार ने 2017 में मुख्यमंत्री आवास योजना को अधिसूचित किया, जो दिल्ली के झुग्गी निवासियों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करती है और पात्रता मानदंड, एजेंसियों को जिम्मेदार और प्रक्रिया को पूरा करती है.