प्रज्ञा ने शहीद करकरे को कहा 'देशद्रोही', PM मोदी माफी मांगें, निर्णायक कार्रवाई करें: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा कि 'आखिरकार यह साबित हो ही गया कि पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के दोस्त भाजपाई निकले.

प्रज्ञा ने शहीद करकरे को कहा 'देशद्रोही', PM मोदी माफी मांगें, निर्णायक कार्रवाई करें: कांग्रेस
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते-लड़ते अपने जीवन की कुर्बानी दी डाली और आज उन्हें ही प्रज्ञा ठाकुर ने देशद्रोही घोषित कर डाला. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की ओर से मुंबई हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के संदर्भ में कई गई विवादित टिप्पणी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग करते हुए कहा कि वह प्रज्ञा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करें. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह आरोप भी लगाया कि प्रज्ञा के 'अक्षम्य बयान' से 'अजमल कसाब के मित्र भाजपा' का 'देशद्रोही चेहरा' सामने आ गया है.

सुरजेवाला ने कहा, 'आखिरकार यह साबित हो ही गया कि पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के दोस्त भाजपाई निकले. बीजेपी ने शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही घोषित करने का नाकाबिले माफी जुर्म किया है.'

उन्होंने कहा, 'जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते-लड़ते अपने जीवन की कुर्बानी दी डाली और आज उन्हें ही प्रज्ञा ठाकुर ने देशद्रोही घोषित कर डाला. भाजपा की ओर से इस शहीद का तिरस्कार करने की हद तब हो गई जब करकरे के पूरे वंश के नाश की बात की गई.'

प्रधानमंत्री मांगे माफी, प्रज्ञा के खिलाफ करे कार्रवाई
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, 'क्या भाजपा अशोक चक्र विजेता करकरे के पूरे परिवार का सफाया करना चाहती है?' सुरजेवाला ने कहा, "पिछले 70 वर्षों में देश पर सबकुछ न्योछावर करने वालों को अपमानित करने का ऐसा दुस्साहस किसी दूसरी पार्टी नहीं किया.' उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री माफी मांगें और प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करें.' 

क्या बोला है प्रज्ञा ने?
बता दें दरअसल, प्रज्ञा ने कहा है कि उन्होंने महाराष्ट्र में एटीएस प्रमुख रहे करकरे से कहा था कि ‘ तुम्हारा सर्वनाश होगा.’ प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं. इस मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में हुई थी. गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमले किए थे. उसी दौरान करकरे और मुंबई पुलिस के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हुए थे.