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खुद को IPS अधिकारी बताने वाला यह शख्स पहले भी बन चुका है सब इंस्पेक्टर

डीसीपी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा के संबंधित प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.

खुद को IPS अधिकारी बताने वाला यह शख्स पहले भी बन चुका है सब इंस्पेक्टर
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली: स्वयं को आईपीएस अधिकारी बता कर एक महिला का कथित तौर पर पीछा करने और रोहिणी इलाके में एक सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उससे धोखाधड़ी करने के मामले में 30 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि व्यक्ति की पहचान दिल्ली के किराड़ी निवासी राजकुमार के रूप में की गई है. पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) एसडी मिश्रा ने बताया, ‘‘शुक्रवार को 24 वर्षीय महिला ने आरोपी के खिलाफ एक मामला दायर कराया.’’ 

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महीना पहले एक जिम में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी. व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया और वे दोस्त बन गये. डीसीपी ने बताया, ‘‘बाद में, उसने महिला को बताया कि वह उससे प्यार करता है लेकिन उससे शादी नहीं कर सकता क्योंकि उसे कैंसर है. उसने कहा कि मरने से पहले वह उसे एक सरकारी अधिकारी के रूप में देखना चाहता है. उसने महिला से एक लाख रूपया लिया.’’ 

मिश्रा ने बताया कि जब उसे व्यक्ति से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसे लगा कि वह ठगी की शिकार हो गई. मिश्रा ने बताया कि पीड़िता ने सोशल मीडिया के जरिए व्यक्ति से संपर्क किया लेकिन उसने उसे अनदेखा करना शुरू कर दिया. इसके बाद, एक दिन वह एक शोरूम गया जहां महिला काम करती थी और उससे मिलने को कहा. जब महिला ने इंकार कर दिया और एक गार्ड ने उसे रोका तो उसने उन्हें धमकी दी और कहा कि वह एक आईपीएस अधिकारी है और शोरूम बंद करवा देगा.

पुलिस ने बताया कि उसने महिला का पीछा शुरू कर दिया और मिलने से इंकार करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. मिश्रा ने बताया कि अमन विहार थाने में शुक्रवार को एक मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया. डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक ड्राइवर का काम करता है और पूर्व में एक जिम में काम करता था. उसने स्वीकार किया कि वह एक आईपीएस अधिकारी नहीं है. डीसीपी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा के संबंधित प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, पुलिस ने बताया कि आरोपी को पहले भी 2013 में ऐसे ही मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. उस समय वह सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ठगी करने की कोशिश कर रहा था.