close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

हरियाणा: चुनाव प्रचार से अधिक नशे और पैसे के खेल का जोर, 1 हफ्ते में पकड़ी पौने 3 करोड़ की ड्रग्स

हरियाणा (Haryana) के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी इंद्रजीत ने बताया कि 21 सितंबर से अभी तक करीब पौने तीन करोड़ रूपये की ड्रग्स (Drugs), 75 लाख रूपये कीमत की शराब (liquor) और 67 लाख रूपये नकदी (money) अलग-अलग मामलों में पकड़ी जा चुकी है.

हरियाणा: चुनाव प्रचार से अधिक नशे और पैसे के खेल का जोर, 1 हफ्ते में पकड़ी पौने 3 करोड़ की ड्रग्स
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

चंडीगढ़: अभी तक श्राद्ध लगे होने और उम्मदीवारों के नाम सामने ना आने की वजह से हरियाणा (Haryana) में बेशक चुनाव प्रचार-प्रसार (Election campaign) की गाड़ी पूरी तरह से रफ्तार नहीं पकड़ पाई थी मगर चुनाव (Election) में नशे और पैसे का गैरकानूनी खेल जरूर गति पकड़ चुका है. 21 सितंबर को चुनाव घोषित होने के बाद अभी तक यानि सप्ताह भर में ही अलग-अलग मामलों में करीब-करीब पौने तीन करोड़ रूपये की कीमत की ड्रग्स (Drugs) बरामद की जा चुकी है. जिसमें हेरोइन (Heroin) भी शामिल है. इसके अलावा 75 लाख रूपये कीमत की शराब और 67 लाख रूपये की नकदी भी अभी तक पकड़ में आ चुकी है. हालांकि इस कार्रवाई में चुनाव आयोग (election commission) की चौकसी भी स्पष्ट तौर पर नजर आ रही है.

हरियाणा (Haryana) के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी इंद्रजीत ने बताया कि 21 सितंबर से अभी तक करीब पौने तीन करोड़ रूपये की ड्रग्स (Drugs), 75 लाख रूपये कीमत की शराब (liquor) और 67 लाख रूपये नकदी (money) अलग-अलग मामलों में पकड़ी जा चुकी है. हालांकि चुनाव आयोग (election commission) इस कार्रवाई को अपनी चौकसी की गवाही भी मान रहा है. डॉक्टर इंद्रजीत के मुताबिक चुनाव आचार संहिता (Election code of conduct) लागू होते ही पूरे प्रदेश में चौकसी बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर सरकारी मशीनरी की नजर है. इसीलिए कोई भी गड़बड़ी निगाह से बच नहीं पा रही.

देखें लाइव टीवी

बहरहाल 21 सितंबर को चुनावों (election) की घोषणा हुई थी और शनिवार तक श्राद्ध लगे रहे लिहाजा उम्मीदवारों की घोषणा से लेकर नामांकन (nomination) पत्र दाखिल करने तक की प्रक्रिया गति नहीं पकड़ सकी थी. अब जबकि श्राद्ध खत्म होकर नवरात्र (Navratra) शुरू हो चुके हैं और उम्मदीवारों के नाम भी सामने आने लगे हैं. ऐसे में संभावना है कि प्रचार-प्रसार के साथ-साथ अब ड्रग्स और पैसे का खेल भी जोर पकड़ सकता है लिहाजा आने वाले दिनों में चुनाव आयोग (election commission) को और भी अधिक चौकसी बरतने की जरूरत होगी.