TV एंकर सुहैब इलियासी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी मंजूर, पत्‍नी की हत्‍या का है आरोप

जनवरी, 2000 में पत्‍नी अंजू की चाकू के घाव से मौत हो गई की थी. पुलिस ने अंजू की हत्या के लिए इलियासी को गिरफ्तार किया था.

TV एंकर सुहैब इलियासी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी मंजूर, पत्‍नी की हत्‍या का है आरोप
मामले में बरी चल रहे हैं इलियासी. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : 19 साल पुराने पत्‍नी की हत्‍या के मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट से बरी चल रहे टीवी एंकर सुहैब इलियासी एक बार फिर फंस सकते हैं. मामले में उन्‍हें बरी करने के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के 19 साल पुराने मामले में पिछले साल अक्तूबर में बरी कर दिया था. जनवरी, 2000 में अंजू की चाकू के घाव से मौत हो गई की थी. पुलिस ने अंजू की हत्या के लिए इलियासी को गिरफ्तार किया था.

पत्नी की हत्या के मुकदमे में आजीवन कारावास के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे इलियासी

हत्याकांड के 17 साल बाद 2017 में दिल्ली की निचली अदालत ने इलियासी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन अक्तूबर, 2018 दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्‍हें बरी कर दिया था. इस मामले में इंदू की मां की तरफ से भी इलियासी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर है. 

गौरतलब है कि इस मामले में इलियासी पर पहले दहेज हत्या के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 304(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में अंजू की मां रूक्मा सिंह और बहन रश्मि सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसने अगस्त 2014 में फैसला दिया था कि टीवी प्रोड्यूसर पर हत्या के अपराध के लिए आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा चलाया जाए. आपको बता दें कि अंजू को 11 जनवरी, 2000 को गंभीर जख्मों, जो उसे पूर्वी दिल्ली में स्थित उसके घर में लगे थे, के साथ अस्पताल लाया गया था.