फारुक अब्दुल्ला बोले- पुलवामा जैसे हमले रोकने है तो ये कदम उठाए सरकार

अब्दुल्ला ने घाटी के बाहर कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों पर कथित हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आम आदमी की हमले में कोई भूमिका नहीं है जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

फारुक अब्दुल्ला बोले- पुलवामा जैसे हमले रोकने है तो ये कदम उठाए सरकार
नेशनल कांन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कश्मीर समस्या का समाधान निकालने की बात कही है.
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श्रीनगर: पुलवामा आतंकी हमले में CRPF के 40 जवानों की शहादत पर जहां एक तरफ पूरे देश में गुस्सा उबाल पर है, वहीं राजनीतिक पार्टियां इस माहौल में भी मौके तलाश रही है. जम्मू कश्मीर की मुख्य राजनीतिक दल नेशनल कांफ्रेंस इस आतंकी हमले के लिए सत्ताधारी बीजेपी को आरोपी ठहराया है. नेशनल कांन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि कश्मीर की जनता पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार नहीं है और जब तक कश्मीर मुद्दे का राजनीतिक समाधान नहीं निकलता तब तक इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी. अब्दुल्ला ने घाटी के बाहर कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों पर कथित हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आम आदमी की हमले में कोई भूमिका नहीं है जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

नेकां नेता ने जम्मू में फंसे कश्मीरी लोगों के एक समूह को संबोधित करते हुए यह बात कही. ये लोग शुक्रवार को शहर में कर्फ्यू लगने के बाद उनके घर के पास एक मस्जिद में रह रहे हैं.

हमले के बाद गृह मंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैनें बैठक में कहा था कि इसमें हमारी गलती नहीं है बल्कि आपकी गलती है क्योंकि आपने हमारी आकांक्षओं को पूरा नहीं किया.’

उन्होंने कहा, ‘आप हमारे बच्चों को निशाना बना रहे हैं और हमारी समस्या को बढ़ा रहे हैं. हम बुरे हालात में फंसे हुए हैं और जो हुआ है उसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि ऐसे संगठनों से हमारा कोई संबंध नहीं है.’

नेशनल कांफ्रेंस ने शांति की अपील की
नेशनल कांफ्रेंस ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले पर हुए आतंकी हमले के संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर इसकी कड़ी निंदा की और राज्य के लोगों से भाईचारा कायम रखते हुए अमन और शांति बनाए रखने की अपील की.

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें शामिल हुये नेताओं ने शुरुआत में आत्मघाती हमले के शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा.

प्रस्ताव में कहा गया, ‘हमारी संवेदना उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस कायराना हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया और हम उनके दुख और पीड़ा को साझा करते हैं.’ नेकां ने लोगों से अमन व शांति बनाए रखने की अपील के साथ ही सद्भाव और भाईचारे की उच्च परंपराओं को बनाए रखने का भी आग्रह किया.

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