अलगाववादियों और आतंकियों के बीच साठगांठ, गृह मंत्रालय कर सकता है हुर्रियत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक़ कश्मीर घाटी में अलगाववादी और आतंकियों की टेरर फंडिंग पर सरकार शिकंजा कड़ा करने की तैयारी में है.

अलगाववादियों और आतंकियों के बीच साठगांठ, गृह मंत्रालय कर सकता है हुर्रियत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
श्रीनगर में अलगाववादी नेता यासीन मल‍िक के घर के बाहर तैनात सुरक्षाबल. फोटो : आईएएनएस

नई दिल्‍ली: जम्मू-कश्मीर में जमात ए इस्लामी को प्रतिबंधित संगठन घोषित करने के बाद अब गृह मंत्रालय अलगाववादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक़ कश्मीर घाटी में अलगाववादी और आतंकियों की टेरर फंडिंग पर सरकार शिकंजा कड़ा करने की तैयारी में है. हुर्र‍ियत के बड़े नेताओं से जमात-ए-इस्लामी से सीधे संबंध की बात भी सामने आ रही है.

शनिवार के दिन गृह मंत्रालय में इस मामले को लेकर एक हाई लेवल बैठक की गई. बैठक में गृह सचिव राजीव गौबा के अलावा IB, NIA, ED, CBDT साथ साथ गृह मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद रहे. गृह मंत्रालय कश्मीर में अलगाववादियों के ऊपर आर्थिक नाकाबंदी को मजबूत करने के लिए सभी इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के साथ मीटिंग करके नया प्लान तैयार कर रही है.

जमात-ए-इस्लामी पर बड़ी कार्रवाई
आतंकवाद को फंडिंग करने के आरोपी अलगाववादी जमात-ए-इस्लामी पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. इस पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब तक संगठन के 350 सदस्‍य गिरफ्तार किए जा चुके हैं. वहीं इसके 60 से अधिक बैंक खातों को भी सीज किया गया है. इसके अलावा जांच में जमात-ए-इस्‍लामी की कुल संपत्ति 4500 करोड़ रुपए से अधिक की आंकी गई है. बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर में संगठन के 400 स्‍कूलों, 350 मस्जिदों और 1 हजार मदरसे चलते हैं.

बता दें कि सरकार ने अलगाववादी समूह जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर को कथित रूप से राष्ट्र विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कर दिया था. पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिबंध को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी.

एनआईए की छापेमारी में बड़ी कामयाबी...
जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर देश में राष्ट्र विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी संगठनों के साथ संपर्क में होने का आरोप है. सुरक्षा बलों ने पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद अलगाववादी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी तथा जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं और समर्थकों को गिरफ्तार किया था.

पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में आतंकी हमले और पत्थरबाज़ी की साज़िश में लगे अलगाववादियों के खिलाफ एनआईए की छापेमारी में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. श्रीनगर समेत अलगाववादियों के ठिकाने पर हुई छापेमारी में एनआईए टीम को एक हाई टेक कम्युनिकेशन सिस्टम हाथ लगा है, जिसके जरिये पाकिस्तान कश्मीर में तबाही का खेल रचने में लगा हुआ था. ज़ी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक अलगाववादी मीरवाइज़ उमर के घर से करीब 40 फ़ीट ऊंचा एक टावर मिला है, जिसके जरिये मीरवाइज़ पाकिस्तान के सीधे संपर्क में था. यही नहीं एनआईए के सूत्रों के मुताबिक जो टावर मिला है, उसका इस्तेमाल हाई टेक इंटरनेट कम्युनिकेशन के लिए किया जाता था.

पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर में होने वाली टेरर फंडिंग के केस में एनआईए ने मंगलवार को श्रीनगर के अलग अलग अलगाववादियों के ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें भारी मात्रा में इन अलगाववादियों के घर से आतंकी संघटनों के लेटर हेड समेत पाकिस्तान के वीसा से संबंधित दस्तावेज मिले थे. जिन अलगाववादियों के घर पर एनआईए की टीम ने छापे मारे हैं, उनके नाम यासीन मलिक, शब्बीर शाह, मीरवाइज़, अशरफ खान, अकबर भट्ट और नईम गिलानी है. अब एनआईए की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि कैसे मीरवाइज़ के घर हाई टेक टावर लगा और इतने दिन तक हमारी एजेंसियो ने अपनी आंखें क्यो बंद रखी थीं.

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