भारतीय रेलवे से यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई, 166 सालों में पहली बार हुआ ऐसा

रेलवे के इतिहास में पहला वित्तीय साल 2019-20 अब तक सबसे सुरक्षित गुजरा है.

भारतीय रेलवे से यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई, 166 सालों में पहली बार हुआ ऐसा
166 सालों में पहली बार सुरक्षित गुजरा साल

नई दिल्ली: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि बीते 166 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि भारतीय रेलवे के वर्तमान वित्तीय वर्ष में एक भी यात्री की मौत नहीं हुई है. रेलवे के इतिहास में पहला वित्तीय साल 2019-20 अब तक सबसे सुरक्षित गुजरा है. अब तक 9 महीने गुजर चुके हैं और एक भी पैसेंजर की मौत रिकॉर्ड में नहीं आई. ये एक रिकॉर्ड है.

दिल्ली से 50 ऑफीसर फील्ड में भेजे गये जिन्होंने एक्सीडेंट या अनहोनी की आशंका में जूनियर्स को फैसला लेना सिखाया. इससे काफी बदलाव आया. इसके अलावा 12 साल में रेलवे ने 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई है. 

वहीं मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 38 साल में रेलवे में एक्सीडेंट, अनहोनी वाली घटनाओं में 95% तक कमी आई है. 2017-18 में 73 रेल एक्सीडेंट हुए हैं.  2018-19 में 59 एक्सीडेंट हुए हैं. 2018-19 में हर दस लाख किलोमीटर पर एक्सीडेंट के नापने का पैमाना सबसे नीचे यानी 0.061% है. 2013-14 में 152 मौतें  हुईं और 2017-18 में 58 मौतें हुईं और 199 लोग घायल हुए. 

वहीं 2018-19 में 29 मौत और 71 लोग घायल हुए. सरकार ने सेफ्टी और सिक्योरिटी पर ध्यान दिया, ट्रैक मैनैजमेंट सिस्टम के तहत नयी मशीनों से काम किया गया. 2004 के मुकाबले 2018 में ट्रेन एक्सीडेंट 38% कम हुए हैं. इसके अलावा 1 लाख करोड़ का रेल सुरक्षा कोष बनाया गया. जहां 2009 मे सेफ्टी पर 30601 करोड़ रुपए खर्च होते थे. 2018 में 74696 करोड़ रुपए खर्च हुए.