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खुफिया रिपोर्ट में खुलासा, पाकिस्तान में अभी भी एक्टिव हैं 16 आतंकी कैंप

इनमें से 5 कैंप तो पीओके में एलओसी से सटे मुजफ्फराबाद के अलावा कोटली और बरनाला में ही एक्टिव है. 

खुफिया रिपोर्ट में खुलासा, पाकिस्तान में अभी भी एक्टिव हैं 16 आतंकी कैंप
फाइल फोटो

नई दिल्लीः पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में चल रहे आतंकी कैंपों को भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. ताजा जानकारी के मुताबिक पीओके और पाकिस्तान में कुल 16 आतंकी कैंप एक्टिव हैं. इनमें से 5 आतंकी कैंप पाकिस्तान में चल रहे हैं. जिनमें से 2 कैंप पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है और 3 कैंप खैबर पख्तूनवा के मनशेरा जिले में चल रहे हैं. वहीं पाक अधिकृत कश्मीर की बात करें तो यहां आतंकियों के 11 कैप एक्टिव हैं. इनमें से 5 कैंप तो पीओके में एलओसी से सटे मुजफ्फराबाद के अलावा कोटली और बरनाला में ही एक्टिव है.

पीओके के जिन टेरर कैम्प में ट्रेनिंग दी जा रही है उनके नाम हैं बोई, मुज्जफराबाद, कोटली, बरनाला,लाका ए गैर, शेरपाई, देवलीन, खालिद बिन वालिद, गरही और दुपट्टा कैंप हैं जो ख़ुफ़िया एजेंसियो के निशाने पर है. जानकारी के मुताबिक साल 2018 में यहां से करीब 560 आतंकी ट्रेनिंग ले चुके हैं. 

देखा जाए तो बालाकोट में जैश के जिस कैम्प पर भारत ने हमला किया है उसके बारे में ख़ुफ़िया एजेंसियो ने हमले से काफी जानकारी इकट्ठा की थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि कैम्प में 300 के करीब मोबाइल कनेक्शन एक्टिव है और इन कैम्प में 300-350 हर वक़्त ट्रेनिंग लेते है.इन्ही ख़ुफ़िया जानकारियों के आधार पर एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की थी.  हमले के बाद सैटेलाइट इमेज से खुलासा हुआ है कि बालाकोट पर किया गया हमला बेहद सटीक था और हमले में 5-6 बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गयी है.

जैश-ए-मोहम्‍मद ने माना, भारत ने PoK में तबाह किए उसके आतंकी कैंप
बता दें कि पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में 26 फरवरी को भारतीय सेना की ओर से आतंकी कैंपों पर की गई एयर स्‍ट्राइक को भले ही पाकिस्‍तान मानने से इनकार कर रहा हो. लेकिन खुद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने एक कथित ऑडियो जारी करके इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय वायुसेना ने एयर स्‍ट्राइक में उसके आतंकी कैंपों को तबाह किया है. हालांकि ज़ी न्‍यूज इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.

आतंकी संगठन की ओर से जारी किए गए कथित ऑडियो में सुना जा सकता है, 'जहां हम जिहाद करते हैं, वहां हमला हुआ है. दुश्‍मन जब अपनी सरहदें पार करके इस्लामी मुल्क में दाखिल हो गया, बमबारी कर दी. दुश्मन की तरफ से ऐलान-ए-जंग हो गया.' बता दें कि भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पीओके में 12 मिराज लड़ाकू विमानों के जरिये जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर 1 हजार किग्रा बमबारी की थी. इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी संगठन और आतंकी मारे गए.

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्‍तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों पर की गई एयर स्‍ट्राइक के सबूतों को लेकर सूत्रों के हवाले से शनिवार को बड़ी खबर सामने आई थी. रक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के पर्याप्त सबूत सेना के पास हैं. इमेज विशेषज्ञों के एयर स्ट्राइक के टारगेट पर सटीक वार को लेकर सवाल उठाने के बाद सेना के एक सूत्र ने यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार तस्वीरों को जारी करने पर फैसला ले सकती है.

पीओके में जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक को लेकर रक्षा विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि डिफेंस विभाग के पास इससे जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं. रक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास सिंथेटिक अपर्रचर रडार तस्वीरें हैं, जिनसे रडार के ठिकानों पर शक्तिशाली अटैक को साबित किया जा सकता है. इस प्रमाण को जारी करने का फैसला अब सरकार के हाथ में है.

गौरतलब है कि 14 फरवरी को पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में आतंकी हमला अंजाम दिया था. इसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज लड़ाकू विमान के जरिये 26 फरवरी की अलसुबह पीओके में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. पाकिस्‍तान ने भी भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पीओके में घुसने की बात कुबूली थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भी ट्वीट कर भारतीय एयरफोर्स के LOC क्रॉस करने की बात कबूल की थी. हालांकि पाकिस्तान ने तबाही पर चुप्पी साध ली है.

जैश का यह कुबूलनामा उन लोगों के लिए भी बड़ी बात है जो केंद्र सरकार से इस एयर स्‍ट्राइक में तबाह आतंकी कैंपों के सबूत मांगे थे. बता दें कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से भारतीय वायुसेना की एयर स्‍ट्राइक में तबाह आतंकी कैंपों से संबंधित सुबूत भी मांगे थे. वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा है कि हम इस सैन्‍य ऑपरेशन पर सवाल नहीं उठा रहे. लेकिन यह तकनीकी समय है और सैटेलाइट तस्‍वीरें लेना संभव है. जैसे अमेरिका ने ओसामा को मारने का पुख्‍ता सबूत दिया था, वैसे हम भी एयर स्‍ट्राइक को लेकर कर सकते हैं.