close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बोले-ऑपरेशन ऑलआउट जैसा कुछ नहीं, कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे

सत्‍यपाल म‍लि‍क ने आतंकवादियों से हिंसा छोड़ने की अपील करते हुए कहा, हम चाहते हैं कि ये बच्चे (आतंकवादी) वापस लौटें और हम जो कुछ भी उनके लिए कर सकते हैं, करने के लिए तैयार हैं.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बोले-ऑपरेशन ऑलआउट जैसा कुछ नहीं, कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की सोमवार को अपील करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनका प्रशासन उनके पुनर्वास के लिए जो भी हो सकेगा करेगा. मलिक ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘आपरेशन आल आउट जैसा यहां कुछ भी नहीं है. कुछ लोग इस गलत शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि ये बच्चे (आतंकवादी) वापस लौटें और हम जो कुछ भी उनके लिए कर सकते हैं, करने के लिए तैयार हैं.’ सत्‍यपाल मालिक ने कहा की कश्मीर में ऑपरेशन आल आउट जैसी कोई चीज़ नही है और ये मीडिया द्वारा गलत टर्म (शब्द) का इस्तेमाल किया जा रहा है.

राज्‍यपाल ने साफ करते हुए कहा कि केवल आतंकियो द्वारा सेना पर फायरिंग किये जाने पर ही जवाबी करवाई की जाती है और उनकी (सरकार) तरफ से कोई ओपेराशन आल आउट नही चलाया जा रहा है.

वह कुछ राजनेताओं द्वारा ‘आपरेशन ऑल आउट’ रोकने और कश्मीर घाटी में हत्या की जांच की मांग करने के आलोक में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. मलिक ने कहा, ‘जब कोई आतंकवादी कहीं भी गोली चलाता है और विस्फोटक फेंकता है. तो ऐसा नहीं हो सकता है कि आप गोली चलायें और हम आपको फूल और गुलदस्ता भेजें. हमारी तरफ से ‘आपरेशन आल आउट’ नहीं चलाया जा रहा है. उन्हें (आतंकवादियों को) यह रास्ता छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें कुछ नहीं मिलेगा. ऑपरेशन ऑल आउट की तरह कुछ भी नहीं है.’

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश में अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो वह राज्य में हुई हत्याओं के लिए वह अलग से एक आयोग का गठन करेंगे, राज्यपाल ने कहा कि वह रोज कुछ न कुछ बयानबाजी करते रहते हैं.

राज्यपाल ने कहा, ‘वह एक वरिष्ठ राजनेता हैं इसलिए उनके बारे में टिप्पणी करना अच्छा नहीं है.’ मलिक ने कहा कि मुख्यधारा के राजनेताओं की राजनीतिक जरूरतें हैं और ‘हमारे देश में वोट के लिए लोग किसी हद तक जा सकते हैं.’ कुछ राजनेताओं के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर मलिक ने कहा, ‘वे सब राजनेता हैं और उनकी राजनीतिक जरूरतें हैं. लोग वोट के लिए इस देश में बहुत दूर जा सकते हैं. मैं सबकी जरूरतों का समझता हूं और उनका सम्मान करता हूं.’

राज्य में विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि उनका प्रशासन इसके लिए तैयार है. राज्यपाल ने कहा, ‘हम चुनावों के लिए तैयार हैं और जब निर्वाचन आयोग इसका निर्णय करेगा हम चुनाव करायेंगे.’ इस बीच मलिक ने स्थानीय राजिंदर पार्क में बने संगीतमय फव्वारा और जिम का उद्घाटन किया. इसका निर्माण जम्मू कश्मीर बैंक ने करवाया है.