महबूबा मुफ्ती ने फिर किया पाक का समर्थन, कहा- इमरान खान को दें एक और मौका

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि हम पुलवामा आतंकी हमले के दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए को तैयार हैं, अगर भारत उसे ''कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी'' उपलब्ध कराता है.

महबूबा मुफ्ती ने फिर किया पाक का समर्थन, कहा- इमरान खान को दें एक और मौका
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया और जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर से पाकिस्तान का समर्थन किया है. महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को ट्विटर पर लिखा कि हमें पाकिस्तान से बात करनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक और मौका मिलना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हाल ही में पीएम का पद संभाला है. 

 

 

लोकसभा चुनाव के कारण बनाया जा रहा युद्ध का माहौल- महबूबा
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए देश में युद्ध का माहौल बनाया जा रहा है. यह सीधे तौर पर चुनावों से जुड़ा है. हालांकि, उन्होंने ट्वीट में यह भी लिखा है कि पाकिस्तान को पठानकोट हमले की फाइल दी गई थी, लेकिन उन्होंने अपराधियों को दंडित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. आपको बता दें कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान पुलवामा आतंकी हमले के दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए को तैयार है, अगर भारत उसे ''कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी'' उपलब्ध कराता है. 

 

 

वहीं, जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में बीती 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफि‍ले पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पहली बार दुनिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा. उन्‍होंने सीधे तौर पर भारत से कहा कि अगर आप समझते हैं कि आप पाकिस्‍तान पर हमला करने के बारे में सोचेंगे तो हम सोचेंगे नहीं बल्कि उसका जवाब देंगे.

इमरान खान द्वारा कही गई प्रमुख बातें...

-जंग शुरू करना आसान है, लेकिन यह खत्‍म करना इंसान के हाथ में नहीं है.

-भला पाकिस्‍तान भारत पर हमला क्‍यों करेगा.

-हम आतंकवाद पर बात करने को तैयार हैं.

-हमले में पाकिस्‍तान के शामिल होने का सबूत दे भारत, एक्‍शन लूंगा.

-मैं पुलवामा हमले पर भारत सरकार को जवाब दे रहा हूं.

-हम भी आतंकवाद को खत्‍म करना चाहते हैं.

-हमले में पाक के शामिल होने के सबूत दें तो जांच के लिए तैयार.

-बातचीत से ही समस्‍या का हल हो सकता है.

-अगर आप समझते हैं कि आप पाक पर हमले करने की सोचेंगे तो हम भी सोचेंगे नहीं, जवाब देंगे.

-जंग शुरू करना आसान है, लेकिन यह खत्‍म करना इंसान के हाथ में है.

-मसला आखिर में बातचीत से ही खत्‍म होगा.