पुलवामा में आतंकी हमले से गुस्‍से में देश, सिद्धू बोले-पाकिस्‍तान से बातचीत होनी चाहिए

सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने की घटना की व्यापक निंदा और पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अलग राय रखी.

पुलवामा में आतंकी हमले से गुस्‍से में देश, सिद्धू बोले-पाकिस्‍तान से बातचीत होनी चाहिए

चंडीगढ़: पुलवामा आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने की घटना की व्यापक निंदा और पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अलग राय रखी और कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए. सिद्धू ने कहा, "जहां कहीं भी युद्ध होते हैं व इस तरह (पुलवामा की तरह) की घटनाएं घटित होती हैं, इसके बीच संवाद भी जारी रहना चाहिए. इसका (भारत व पाकिस्तान के बीच मुद्दों का) स्थायी हल खोजने की जरूरत है."

उन्होंने कहा, "इस तरह के लोगों (आतंकवादियों) का कोई देश, धर्म और जाति नहीं होती है. सांप के काटे की दवा सांप का जहर होती है." उन्होंने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच मामलों को सुलझाने के लिए बातचीत को सही ठहराया. सिद्धू ने पुलवामा में गुरुवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें 45 जवान शहीद हो गए.

लेकिन, उन्होंने कहा कि चंद लोगों की वजह से पूरे राष्ट्र (पाकिस्तान) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. सिद्धू ने कहा, "इस (हमले) की निंदा सभी के द्वारा की जानी चाहिए. चंद लोगों के लिए आप पूरे राष्ट्र को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते. हमले के दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए." 

गौरतलब है कि पुलवामा में गुरूवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गए जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं. पुलवामा हमले पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति :सीसीएस: में भी विचार हुआ. इस जघन्य आंतकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान से व्यापार में 'सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन)' का दर्जा वापस ले लिया है.

इस कदम के बाद भारत पड़ोसी देश से आने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा सकेगा. यह दर्जा पाकिस्तान को 1996 में दिया गया था लेकिन पाकिस्तान ने भारत को ऐसा दर्जा नहीं दिया था. सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि पुलवामा आतंकी हमलों के गुनाहगारों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिये हर तरह के प्रयास किये जायेंगे.

जेटली ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण रूप से अलग-थलग करने के लिये कूटनीतिक पहल आरंभ करेगा.इस बीच, भारत ने पुलवामा में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन के हमले में लगभग 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत पर कड़ा विरोध जताते हुये पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब किया और सख्त आपत्तिपत्र : डिमार्शे : जारी किया.

सूत्रों ने बताया कि विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद को शुक्रवार दोपहर 2 बजे विदेश मंत्रालय में तलब किया और बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर सख्त आपत्तिपत्र जारी किया . पाकिस्तान से कहा गया है कि वह जैश ए मोहम्मद के खिलाफ तत्काल एवं प्रमाणिक कार्रवाई करे.