एक्टिव और पैसिव ही नहीं ‘थर्ड हैंड स्मोकिंग‘ भी सेहत के लिए बेहद हानिकारक, रहें सावधान
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एक्टिव और पैसिव ही नहीं ‘थर्ड हैंड स्मोकिंग‘ भी सेहत के लिए बेहद हानिकारक, रहें सावधान

सिगरेट की राख और बट में मौजूद 250 तरीके से केमिकल आपको थर्ड हैंड स्‍मोकिंग का शिकार बनाते हैं. 

एक्टिव और पैसिव ही नहीं ‘थर्ड हैंड स्मोकिंग‘ भी सेहत के लिए बेहद हानिकारक, रहें सावधान

नई दिल्‍ली: जब-जब हम स्‍मोकिंग की बात करते हैं, तब-तब एक्टिव और पैसिव स्‍मोकिंग से होने वाले नुकसान की बात की जाती है. एक्टिव और पैसिव की तरह एक तीसरा स्‍मोकिंग पैटर्न भी है, जो आपनी सेहत को खराब और बहुत खराब कर सकता है. जी हां, वर्ल्‍ड नो-टोबैको डे (तंबाकू निशेध दिवस) पर हम बात कर रह हैं ‘थर्ड हैंड स्मोकिंग‘ की. हम सबके लिए ‘थर्ड हैंड स्मोकिंग‘ बेहद नया है, लेकिन सेहत की बेहतरी के लिए इसके बारे में जानना और इससे बचना बहुत जरूरी  है. 

क्‍या है 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग'
धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सर्जिकल ओन्कोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ अंशुमन कुमार ने ZEE-DIGITAL से बातचीत में बताया कि तंबाकू के सेवन के विषय में अकसर दो तरह के यूजर्स चर्चा में रहते हैं. पहले एक्टिव स्मोकर और दूससरे पैसिव स्मोकर. इसी कड़ी में एक तीसरी श्रेणी आती है, जिसे हम ‘थर्ड हैंड स्मोकर्स‘ कहते हैं. उन्‍होंने बताया कि जिन जगहों पर लोग ज्‍यादातर स्‍मोकिंग करते हैं, वहां पर सिगरेट की बची हुई राख और सिगरेट बट जमा हो जाते हैं. सिगरेट की राख और बट के अवशेष वातावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. इस वातावरण के प्रभाव में आने वाले लोगों को ही हम ‘थर्ड हैंड स्मोकर्स‘ कहते हैं. 

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बीमारी से बचना है तो इन जगहों से करें परहेज
डॉ अंशुमन कुमार ने बताया कि अक्‍सर लोग अपनी कार, ड्राइंग रूम या बंद कमरों में स्‍मोकिंग करते हैं. ऐसे स्‍थानों में सिरेगट का धुआं, उसकी राख और एक खास तरह का रसायन पूरे वातावरण को खराब कर देता है. यदि आप सिगरेट नहीं पीते हैं और ऐसी जगहों पर आते जाते रहते हैं , तो बहुत संभव है कि आप भी थर्ड हैंड स्‍मोकिंग का शिकार हो जाएं. उन्‍होंने बताया कि तंबाकू का सेवन करने वाला व्यक्ति अपन ही नहीं, बल्कि अपने आस पास के लोगों के स्वास्थ्य को भी बहुत गंभीर रूप से प्रभावित करता है. डॉ. अंशुमन कुमार ने सलाह दी है कि अपनी सेहत बेहतर रखने के लिए उन स्‍थानों पर जानें से पूरी तरह परहेज करें, जहां पर लोग एकट्ठा होकर स्‍मोकिंग करते हैं.

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बच्‍चों और पालतू जानवर आसानी से होते हैं थर्ड हैंड स्‍मोकिंग के शिकार 
डॉ अंशुमन कुमार ने बताया कि बच्चों और पालतू जानवरों में थर्ड हैंड स्‍मोकिंग के असर की आशंका सबसे अधिक होती है. उन्‍होंने बताया कि अकसर देखा गया है कि धूम्रपान करने वाले तंबाकू का सेवन करते समय एहतियात बरतते हुए अपने बच्चों से उचित दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि अपनी इस कोशिश के बावजूद बच्‍चों में थर्ड हैंड स्‍मोकिंग का खतरा कम रही होता है. उन्‍होंने बताया कि थर्ड हैंड स्मोकिंग की प्रक्रिया में 250 से अधिक रसायन पाए जाते हैं. जो किसी न किसी तरह आपके इर्द गिर्द रहने वाले लोगों तक पहुंच ही जाते हैं. डॉ. अंशुमन ने अनुसार, कोशिश करें कि अपनी कार में न ही स्‍मोकिंग करें और न ही किसी को स्‍मोकिंग करने की इजाजत दें. 

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