जामिया केस: विपक्ष ने की यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई की निंदा, कहा, 'मामले की होनी चाहिए न्यायिक जांच'

विपक्ष ने कहा, 'पुलिस किसी यूनिवर्सिटी परिसर में बिना वीसी के परमिशन के दाखिल नहीं हो सकती है. अगर पुलिस को परमिशन नहीं मिली थी तो पुलिस अंदर कैसे दाखिल हो गई.'

जामिया केस: विपक्ष ने की यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई की निंदा, कहा, 'मामले की होनी चाहिए न्यायिक जांच'
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद (फोटो ANI)

नई दिल्ली: विपक्ष ने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है. विपक्ष ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है. 

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, पुलिस किसी यूनिवर्सिटी परिसर में बिना वीसी के परमिशन के दाखिल नहीं हो सकती है. अगर पुलिस को परमिशन नहीं मिली थी तो पुलिस अंदर कैसे दाखिल हो गई. वह भी उस यूनिवर्सिटी कैंपस में जो केंद्र तहत आता है. हम इसकी निंदा करते हैं और इस न्यायिक जांच की मांग करते हैं. 

रविवार को हुई थी हिंसक झड़प
बता दें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच रविवार को हुई हिंसक झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी भी घायल हुई थे.  दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को बरी कर दिया है. 

वहीं दिल्ली मेट्रो के उन स्टेशनों के गेट खोल दिए गए हैं जिनको कल शाम बंद कर दिया गया था. दिल्ली के साउथ ईस्ट जिले में ओखला, जामिया, न्यू फ्रैंड्स कालोनी, मदनपुर खादर क्षेत्र के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को सोमवार को बंद रखने का फैसला कल शाम दिल्ली सरकार ने लिया था. मनीष सिसोदिया ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी.