प्रियंका को AICC बैठक में आवंटित की गई राहुल से दूर की कुर्सी, आखिर क्या रही वजह

प्रियंका गांधी अपने भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ 11 फरवरी को चार दिवसीय दौरे पर लखनऊ आएंगी.

प्रियंका को AICC बैठक में आवंटित की गई राहुल से दूर की कुर्सी, आखिर क्या रही वजह
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की बैठक में मौजूद नवनियुक्त महासचिव (पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी) प्रियंका गांधी

नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की नवनियुक्त महासचिव (पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी) प्रियंका गांधी को गुरुवार को पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से दूर की सीट आवंटित की गई प्रियंका गांधी को दाईं ओर की पंक्ति के बीच में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगल वाली सीट दी गई. सिंधिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव हैं. राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे सामने की सीटों पर बैठे थे. 

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि प्रियंका जानबूझकर राहुल के बगल में नहीं बैठीं बल्कि उनसे दूर बैठकर उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेताओं को एक संदेश दिया कि एआईसीसी सचिवों के रूप में वे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी की प्रियंका गांधी महासचिव के रूप में. इससे पहले, महासचिव के रूप में प्रियंका की निुयक्ति के बाद उन्हें एआईसीसी मुख्यालय में राहुल गांधी के बगल वाला कमरा आवंटित किया गया था. पार्टी के उपाध्यक्ष होने के दौरान राहुल इसी कमरे का प्रयोग करते थे. 

11 फरवरी से प्रियंका गांधी करेंगे उत्तर प्रदेश दौरा  
कांग्रेस की नवनियुक्त महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी अपने भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ 11 फरवरी को चार दिवसीय दौरे पर लखनऊ आएंगी. कांग्रेस के आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार के बताया कि राहुल और प्रियंका 11 फरवरी को लखनऊ आएंगे. उनके साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी होंगे. उन्होंने बताया कि प्रियंका 11 से 14 फरवरी तक लखनऊ में रहेंगी. वह प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर संगठन की स्थिति की समीक्षा करेंगी.

 

 

गौरतलब है कि प्रियंका 23 जनवरी को पार्टी की महासचिव बनने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश दौरे पर आ रही हैं. उनके अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है. वह भी नया पदभार संभालने के बाद पहली बार प्रदेश पहुंच रहे हैं.