हमले से थोड़ा पहले शहीद जवान ने पत्नी से कहा था- पिता की आंख में दवा डाल देना

सीआरपीएफ के जवान जी. सुब्रमण्यम की लगभग डेढ़ साल पहले कृष्णावेणी से शादी हुई थी जो बी.कॉम किए हुए है.

हमले से थोड़ा पहले शहीद जवान ने पत्नी से कहा था- पिता की आंख में दवा डाल देना

चेन्नई: जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी हमले में शहीद हुए अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के जवान जी. सुब्रमण्यम (28) ने हमले से कुछ देर पहले ही अपनी पत्नी को अपने पिता की आंख में दवाई लगाने के लिए कहा था. सुब्रमण्यम के पिता वी. गणपति ने आईएएनएस से कहा, "गुरुवार को उसने अपनी पत्नी कृष्णावेणी से फोन पर बात की. उसने अपनी पत्नी से कहा कि वह श्रीनगर जा रहा है. मेरी आंख के ऑपरेशन की वजह से उसने अपनी पत्नी से मेरी आंखों में दवा लगाने के लिए भी कहा."

तमिलनाडु में तूतीकोरिन जिले के सबलापेरी गांव में रहने वाले किसान गणपति ने कहा, "उससे बात होने के थोड़ी देर बाद हमने उसके फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला." उनके अनुसार सुब्रमण्यम हमेशा से सेना में भर्ती होना चाहते थे. गणपति ने कहा, "मैं उसे तमिलनाडु पुलिस में भर्ती कराना चाहता था.

वह सीआरपीएफ की भर्ती में गया और चयनित हो गया." सुब्रमण्यम पिछले पांच साल से सीआरपीएफ में थे. वे उत्तर प्रदेश में दो साल और श्रीनगर में दो साल तैनात रहे और प्रशिक्षण के दौरान तमिलनाडु में एक साल तैनात रहे. गणपति ने कहा, "एक बार श्रीनगर में वह पत्थरबाजों के हमले में घायल हो गया था.

घाव को बंद करने के लिए दो टांके लगाने पड़े थे. उसने हमें चोट के बारे में नहीं बताया. उसके यहां छुट्टी पर आने पर हमें उसकी चोट के बारे में पता चला." सुब्रमण्यम को खेलने का बहुत शौक था और वह फुटबाल, कबड्डी और क्रिकेट खेला करते थे. गणपति ने कहा, "यहां एक महीने की छुट्टी पर आने पर भी उसने कबड्डी टूर्नामेंट खेला था और साइकलिंग के कार्यक्रम में इनाम जीता था."

गणपति ने कहा, "लगभग डेढ़ साल पहले सुब्रमण्यम की कृष्णावेणी से शादी हुई थी जो बी.कॉम किए हुए है. सरकार अगर उसकी शिक्षा के अनुसार उसे कोई नौकरी दे देती है तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी सहायता होगी."