जयपुर: बेरोजगारी और रासायनिक खेती के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच चलाएगा अभियान

स्वदेशी  की लड़ाई लड़ रहे स्वदेशी जागरण मंच की हरिद्वार में तीन दिवसीय बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए. मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरीलाल इन प्रस्तावों की जानकारी देने जयपुर आए. 

जयपुर: बेरोजगारी और रासायनिक खेती के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच चलाएगा अभियान
भारत छोटे-छोटे उद्योगों से जीवित था, लेकिन छोटे उद्योगों की हालत खराब हो गई है.

विष्णु शर्मा, जयपुर: स्वदेशी जागरण मंच अब रासायनिक खेती, बेरोजगारी, डेटा में सेंध मारी और निजीकरण के खिलाफ अभियान चलाएगा. जयपुर आए स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरीलाल ने यह जानकारी दी. कश्मीरीलाल ने पहले जयपुर कार्यकर्ताओं की बैठक ली और बाद में पत्रकारों को मंच की राष्ट्रीय कार्यसमिति में पारित किए गए प्रस्तावों की जानकारी दी. 

स्वदेशी  की लड़ाई लड़ रहे स्वदेशी जागरण मंच की हरिद्वार में तीन दिवसीय बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए. मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरीलाल इन प्रस्तावों की जानकारी देने जयपुर आए. कश्मीरी लाल ने कहा कि देश के विकास में खेती महत्वपूर्ण मॉडल हुआ करती थी लेकिन रासायनिक खेती ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चकनाचूर कर दिया, बल्कि गांवों में रोजगार को ठप कर दिया.

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने छीना रोजगार 
कश्मीरी लाल ने स्वीकार किया कि देश में बेरोजगारी की समस्या बढ़ गई. भारत छोटे छोटे उद्योगों से जीवित था लेकिन उनकी जगह मल्टीनेशनल कंपनियों ने ले ली है, जिससे हालात बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि मल्टीनेशनल कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है. इससे रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं. भारत छोटे-छोटे उद्योगों से जीवित था, लेकिन छोटे उद्योगों की हालत खराब हो गई है. सरकार को छोटे उद्योगों को सहायता देनी चाहिए, वहीं युवाओं को स्वरोजगार की तरफ प्रेरित करना होगा. 

बड़े देश कर रहे हैं डेटा चोरी
कश्मीरीलाल ने कहा कि आज अमेरिका, चीन जैसे बड़े-बड़े देश डेटा चोरी कर रहे हैं. उनका अधिकांश ध्यान हमारे डेटा को कंट्रोल करने और उस सबंध में कानून बनाने के हमारे अधिकार को समाप्त करने का है. यह एक तरह से  भारत की डेटा संप्रभुता पर खतरा है. इसके लिए सरकार को विरोध दर्ज कराना होगा. दूसरी और ई कॉमर्स कंपनियां छोटे व्यापारियों का धंधा खराब कर रही है. ये कंपनियां व्यापारियों को तंग कर रही है. सरकार को इन कंपनियों पर लगाम कसने के लिए सख्त कानून लाना होगा.