close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बांसवाड़ा: शहर की सुंदरता बढ़ाने वाले तालाबों की हालत बदहाल, नगर परिषद नदारद

शहर के नाथेलाव तालाब का भी यही हाल है. यहां पर लोगों ने गंदगी डाल रखी है वहीं तालाब मे जलकुंभी है जिससे तालाब पूरी तरह से बदहाल हो चुका है. 

बांसवाड़ा: शहर की सुंदरता बढ़ाने वाले तालाबों की हालत बदहाल, नगर परिषद नदारद
प्रतीकात्मक तस्वीर

बांसवाड़ा: एक ओर जहां केन्द्र और राज्य सरकार पुराने जलस्त्रोतों को बचाने के लिए नई नई योजनाए बना रही है जिसमें वो करोड़ों रूपये खर्च कर रहा है. वहीं दुसरी ओर प्रदेश के बांसवाडा शहर की नगर परिषद और जिला प्रशासन शहर के प्रमुख तालाबों को खत्म करने में लगा हुआ है. शहर की सुंदरता को बढ़ाने वाले शहर के डायलाब तालाब, राजतालाब, नाथेलाव तालाब, इन दिनों शहर की बदसुरती को दर्शातें नजर आ रहे हैं. 

इन तीनों तालाबों की हालत बेहत बदहाल हो चूकी है. बात डालयाब तालाब की करें तो इस तालाब में गंदगी का इतना अंबार लगा हुआ है और जलकुंभी ने अपना बसेरा बना लिया है जिससे यह तालाब अब पूरी तरह से खत्म सा हो गया है. वहीं शहर के राजतालाब की बात करें तो यहां भी यही हाल है. तालाब की चारदिवारी भी टूटी हुई है, तालाब में क्षेत्र का गंदा पानी आ रहा है, वहीं जलकुंभी और गंदगी ने अपना बसेरा बना लिया है. 

इतना ही नहीं लोगों ने इस तालाब की कुछ जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है और मकान तक बना डाले हैं. वहीं शहर के नाथेलाव तालाब का भी यही हाल है. यहां पर लोगों ने गंदगी डाल रखी है वहीं तालाब मे जलकुंभी है जिससे तालाब पूरी तरह से बदहाल हो चुका है. वहीं यहां भी लोगों ने तालाब की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है. इन तीनों तालाबों की साफ सफाई पर नगर परिषद हर साल 10 लाख के आसपास रूपया लगाता है पर ये 10 लाख तो सफाई में लग जाते हैं और तालाब पूरा गंदा ही रहता है. 

नगर परिषद और जिला प्रसाषन ने आजतक इन तालाबों को सुंदर बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और ना ही इन तालाबों को साफ किया जिससे यह तालाब अब पुरी तरह से बदहाल हो चुके हैं. वहीं बरसात का सीजन पास में ही है और इन तालाबों में गंदगी ओर जलकुंभी इतनी है जिससे तालाब की गहराई कम हो गई है. अगर तेज बरसात हुई तो इन तालाबों का पानी रोड पर आ जाएगा जिससे शहर की जनता को नुकसान हो सकता है.