राजस्थान सरकार की यह योजनाएं बनाएगीं आपको उद्यमी, आज अशोक गहलोत ने की लांच

साल एक, फैसले अनेक की थीम पर राजस्थान सरकार ने पांच नई निवेश योजनाओं को प्रदेश में लागू किया है. प्रदेश के औद्योगिक विकास और ऊर्जा उपलब्धता में यह नीतियां मील का पत्थर साबित होंगी. 

राजस्थान सरकार की यह योजनाएं बनाएगीं आपको उद्यमी, आज अशोक गहलोत ने की लांच
बिड़ला ओडिटोरियम में आयोजित एम.एस.एम.ई. कॉनक्लेव

अंकित तिवाड़ी,जयपुर: साल एक, फैसले अनेक की थीम पर राजस्थान सरकार ने पांच नई निवेश योजनाओं को प्रदेश में लागू किया है. प्रदेश के औद्योगिक विकास और ऊर्जा उपलब्धता में यह नीतियां मील का पत्थर साबित होंगी. पांचों योजनाओं में रियायतों का पुलिंदा दिया गया है. उद्यमियों ने भी सरकार की नीतिगत पहल का स्वागत किया. 

राजस्थान बनेगा निवेश स्थान
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिड़ला ओडिटोरियम में आयोजित एम.एस.एम.ई. कॉनक्लेव में राज्य सरकार की नई औद्योगिक विकास नीति, नई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के साथ ही ऊर्जा विभाग की नई सौर ऊर्जा नीति, 2019 और नई पवन एवं हाईब्रिड ऊर्जा नीति 2019 जारी की. कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, प्रमुख सचिव CM कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव ऊर्जा कुंजीलाल मीणा, ACS उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल, जिला कलेक्टर जोगाराम, CM सलाहकार अरविंद मायाराम, गोविन्द शर्मा, निरंजन आर्य सहित उद्योग और ऊर्जा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि एक साल में जो वादे जनघोषणा में किए वो सामने हैं, 3 दिन हमने लेखा जोखा रखने के लिए रखे थे. यह जश्न मनाने का नहीं हमारे आंकलन का वक़्त है. राजस्थान अब पिछड़ा राज्य नहीं रहा यहां निवेश की धारा बह रही है. 20 साल पहले जब मैं मुख्यमंत्री था, हमने 2 मेगावाट से शुरू कर आज 4000 मेगावाट तक पहुंचाया. पॉलिसी आने से पहले ही नया निवेश आया है, 200 मेगावाट का प्लांट लगाने में रिलायंस ने रुचि दिखाई है. आज राजस्थान सम्भावनाओं से भरपूर क्षेत्र है. क्रूड ऑयल, पवन और सौर ऊर्जा में अपार अवसर हैं. रिफायनरी का काम दबाव देकर शीघ्र करवाया जाएगा. पेट्रो केमिकल हब विकसित करने की तैयारी प्रदेश सरकार की है.

बढ़ेगा उद्योग
उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि एक साल में CM गहलोत का सबसे अधिक फोकस उद्योग विभाग पर रहा, MSME एक्ट लाकर गहलोत सरकार ने उद्योग हितैषी मंशा दर्शाई. इंडस्ट्री नीति, रिप्स योजना लेकर आए हैं. नीतियों के तहत अब 10 करोड़ रुपये तक का कर्ज मिल सकेगा, एक साल में 7 संभागों में उद्यमियों से संवाद किया है. बालोतरा, जोधपुर, भीलवाड़ा में प्रदूषण राहत के काम किए जा रहे हैँ. CM गहलोत ने CETP बनाने पर अनुदान 50 लाख किया है. बिजली, स्टाम्प, रजिस्ट्री में 100 फीसदी छूट दी गई है. नई नीति में औद्योगिक जमीनों के दाम कम किए हैं. ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि नई नीतियों से राजस्थान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ेगा.

सुस्ती करनी होगी दूर
राजस्थान सरकार ने अभी सिर्फ नीतियां ही जारी की है, सुस्त ब्यूरोक्रेसी को हरकत में लाकर निवेशकों के दरवाजे पर पहुंचने की जरुरत भी होगी. प्रदेश सरकार ने जितनी रियायतें नीतियों के जरिए दी हैं उन वादों को बिना किसी प्रक्रियागत उलझन के निवेशकों की मदद से धरातल पर उतारे तो राजस्थान निवेशस्थान बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. कार्यक्रम में राजस्थान निर्यात पुरस्कार 2019 और राजस्थान उद्योग रत्न पुरस्कार 2019 का वितरण कर प्रोत्साहन की झलक भी दिखी.

यह पॉलिसियां हुई लांच
साल एक, फैसले अनेक थीम पर MSME कॉन्क्लेव
औद्योगिक विकास नीति 2019
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2019
सौर ऊर्जा नीति 2019
पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा नीति 2019 जारी