गहलोत सरकार ने दी दिव्यांगजनों को बड़ी राहत, पटवार भर्ती में मिला 4 फीसदी आरक्षण

केंद्र सरकार के अधिसूचना के मुताबिक, सरकारी नौकरियों को दिव्यांगजनों को 4 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. इसी आधार पर दिव्यांगजनों को पटवारी भर्ती में आरक्षण का लाभ दिया है.

गहलोत सरकार ने दी दिव्यांगजनों को बड़ी राहत, पटवार भर्ती में मिला 4 फीसदी आरक्षण
इस भर्ती में केवल वन लेग वाले दिव्यांगजनों को ही आरक्षण दिया गया है.

जयपुर: गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने दिव्यांगों (Handicapped) के हितों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब दिव्यांगजन भी पटवारी बन सकेंगे. पटवारी भर्ती परीक्षा में सरकार ने दिव्यांगजनों को 4 फीसदी आरक्षण दिया है. 

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए दिव्यांगजनों को आरक्षण का लाभ दिया है. केंद्र सरकार के अधिसूचना के मुताबिक, सरकारी नौकरियों को दिव्यांगजनों को 4 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. इसी आधार पर दिव्यांगजनों को पटवारी भर्ती में आरक्षण का लाभ दिया है.

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पटवारी के 4207 पदों के भर्ती निकाली है.जिमसें अभ्यर्थी आनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया 20 जनवरी 2020 से शुरू होगी और 19 फरवरी 2020 तक चलेगी. दूसरे अभ्यर्थियों के साथ साथ दिव्यांग अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में आवेदन कर सकते है. दिव्यांग अधिकारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमंत भाई गोयल का कहना है कि सरकार के इस फैसले से दिव्यांगजनों को संबल प्रदान होगा और उनकी उम्मीदों को पंख लग पाएंगे.

परीक्षा में न्यूनतम आयु सीमा 18 और अधिकतम 40 है
पटवारी भर्ती के 4207 में से 168 पद दिव्यांगों के लिए आरक्षित किए गए हैं. इस परीक्षा में न्यूनतम आयु सीमा 18 और अधिकतम 40 है. इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता के पास स्नातक की डिग्री के अलावा भर्ती विज्ञापन में बताए गए मान्यता प्राप्त संस्थानों में से किसी एक से कंप्यूटर की पढ़ाई का सर्टिफिकेट, डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है. 

लंबे समय से दिव्यांगजनों की मांग चल रही थी
दिव्यांगजन परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 250 रू. देना होगा. लगातार लंबे समय से दिव्यांगजनों की मांग चल रही थी कि सरकारी भर्ती में आरक्षण मिले.इस भर्ती में दिव्यांगों को फील्ड वर्क बताकर आरक्षण नहीं दिया जाता था लेकिन पहली बार गहलोत सरकार ने दिव्यांगजनों को इस काम के लिए सक्षम माना और आरक्षण दिया. इस भर्ती में केवल वन लेग वाले दिव्यांगजनों को ही आरक्षण दिया गया है.

जाहिर है सरकार के इस फैसले से न केवल दिव्यांगजनों की उम्मीदें बंधेगी बल्कि वे मजबूत भी बन सकेंगे.