close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जयपुर नगर निगम में राष्ट्रगान बजाने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में भिड़ंत

अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा सदस्य बन चुके लाहोटी ने कहा, "महापौर ने कई कंपनियों के लिए जल्द से जल्द भुगतान को मंजूरी देने की सिफारिश की है."

जयपुर नगर निगम में राष्ट्रगान बजाने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में भिड़ंत

जयपुर: राजस्थान में नई कांग्रेस सरकार ने जयपुर नगर निगम (जेएमसी) मुख्यालय में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत बजाने की प्रथा को निलंबित कर दिया है, जिसके बाद से शहर के महापौर विष्णु लाटा और उनके पूर्ववर्ती अशोक लाहोटी के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया. लाहोटी ने 2017 में सुबह और शाम को राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत बजाने की प्रथा शुरू की थी.

लाटा ने कहा, "राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत बजाने के लिए नियुक्त की गई फर्म को अभी भी 21 लाख रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है. एक बार जब हम भुगतान कर देंगे, तो परंपरा फिर से शुरू हो जाएगी."

राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (आरईआईएल) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि जेएमसी पर उसका 21 लाख रुपये बकाया है और इसलिए इसने जेएमसी मुख्यालय में ध्वनि सेवा बंद कर दी गई है.

हलांकि, अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा सदस्य बन चुके लाहोटी ने कहा, "महापौर ने कई कंपनियों के लिए जल्द से जल्द भुगतान को मंजूरी देने की सिफारिश की है."

उन्होंने कहा, "अगर वह चाहते, तो वह आरईआईएल के लिए भी ऐसा कर सकते थे. लेकिन कांग्रेस सरकार जानबूझकर राष्ट्रीय गान गाए जाने वाली प्रथा को समाप्त करने के लिए आरईआईएल के बकाये के भुगतान में देरी कर रही है. यह देशद्रोह है. भाजपा इसे आगामी नगर निगम चुनाव में एक प्रमुख एजेंडा बनाएगी."

लता ने कहा, "राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत बजाने के लिए एक फर्म को किराए पर लेना देशभक्ति का एक दिखावा मात्र है. फर्म ने अपना साउंड सिस्टम सेट कर दिया था, लेकिन इसके बकाया अभी भी लंबित हैं. हमने अब बकाया राशि की निकासी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है."

(इनपुट आईएएनएस)