टोंक: बिगड़ने लगी अनशनकारियों की तबीयत, न सचिन पायलट पहुंचे, न कोई और अधिकारी

अनशनकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के मनरेगा संविदाकर्मी पिछले कई दिनों से स्थाई करने की मांग को लेकर टोंक में सामूहिक धरना देकर आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन अब तक न तो उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट उनसे मिलने पहुंचे, न ही कांग्रेस का कोई नेता. 

टोंक: बिगड़ने लगी अनशनकारियों की तबीयत, न सचिन पायलट पहुंचे, न कोई और अधिकारी
उल्टे अनशनकारियों ने पुलिस और प्रशासन पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया है.

पुरुषोत्तम जोशी, टोंक: उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की गृह नगरी टोंक में मनरेगा कर्मियों का पिछले 10 दिन से ज्यादा समय से सामूहिक धरना और आमरण अनशन जारी है. 

लगातार अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ रही है लेकिन अब तक सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने पहुंच कर न मनरेगा कर्मियों का दर्द सुना, न ही समस्या जानी. उल्टे अनशनकारियों ने पुलिस और प्रशासन पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया है.

बीती देर रात अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर मौके पर पहुंची तो पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन थानाधिकारी विजयशंकर शर्मा ने अनशनकारी दो युवकों को सआदत अस्पताल भिजवा उपचार शुरू करवा दिया. 

अनशनकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के मनरेगा संविदाकर्मी पिछले कई दिनों से स्थाई करने की मांग को लेकर टोंक में सामूहिक धरना देकर आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन अब तक न तो उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट उनसे मिलने पहुंचे, न ही कांग्रेस का कोई नेता. यहां तक जिले के अधिकारियों को भी वो मुख्यमंत्री के नाम कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन अब तक किसी ने कोई सुध नहीं ली. उल्टे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उनके आंदोलन को दबा रहे हैं. 

यह भी कहा कि लगातार सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम वो अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं और उसी दिशा में आज ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जाना था लेकिन टोंक के चिकित्सा अधिकारियों ने इंकार कर दिया तो अब वो जयपुर से निजी संस्था के माध्यम से अपना ब्लड डोनेशन कैंप लगाएंगे. इधर थानाधिकारी विजयशंकर शर्मा ने बताया कि अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं अनशनकारियों ने विरोध किया लेकिन समझाइश कर अस्पताल ले जाया गया है.