राजस्थान: गुर्जर समेत पांच अति पिछड़ी जातियों को 5 फीसदी आरक्षण का बिल पास

गुर्जर आंदोलनकारियों के 6 दिन तक पटरी पर बैठे रहने के बाद सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पारित कर दिया.

राजस्थान: गुर्जर समेत पांच अति पिछड़ी जातियों को 5 फीसदी आरक्षण का बिल पास
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान सरकार ने बुधवार को ओबीसी आरक्षण संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित करा लिया. सरकार और विपक्ष के सभी विधायकों ने एकजुट होकर ध्वनिमत से विधेयक को पारित करके कानून का रूप दे दिया. अब गुर्जर समेत पांच अति पिछड़ी जातियों को अलग से पांच फ़ीसदी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है. इसके साथ ही सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण के प्रावधानों को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने का संकल्प भी विधानसभा से पारित कर दिया है.

गुर्जर आंदोलनकारियों के 6 दिन तक पटरी पर बैठे रहने के बाद सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पारित कर दिया. विधानसभा में ध्वनि मत से अति पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने से पहले का घटनाक्रम भी रोचक रहा. प्रभारी मंत्री बीडी कल्ला ने सदन में बिल पेश किया तो विपक्ष की तरफ से सबसे पहले प्रतिपक्ष की उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने इस पर सवाल उठाए. राठौड़ ने कहा कि विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने के बाद 18 जनवरी को वह स्थगन प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन तब सरकार ने गुर्जर आरक्षण के मसले पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया. राठौड़ ने सरकार पर इस बार भी लीपापोती के आरोप लगाए. 

इधर विपक्ष की तरफ से इस मसले पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पूरी प्रक्रिया और कवायद को ही औचित्यहीन करार दे दिया. कटारिया ने कहा कि जब तक संविधान संशोधन नहीं होता तब तक गुर्जरों समेत पांच अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण अलग से नहीं दिया जा सकता. कटारिया कहा कि अगर सरकार 50 फ़ीसदी के भीतर इसे कर सकती है तो बताएं अन्यथा 50 फ़ीसदी के ऊपर आरक्षण जाने पर फिर से अदालती प्रक्रिया में यह मामला अटक जाएगा.

हालांकि, गुलाब चंद कटारिया के तर्क और दावे अपनी जगह हैं लेकिन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट कहते हैं कि सरकार ने कानूनी मामलों के जानकारों से मशविरा करने के साथ ही मामले से जुड़े अलग अलग पक्षकारों से बात की है और उसके बाद ही बहुत मेहनत से बिल तैयार किया है. पायलट ने कहा, इस बिल के प्रावधानों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का संकल्प भी सदन ने पारित किया है और जरूरत पड़ी तो इसके लिए बीजेपी के नेताओं से केंद्र में भी बात की जाएगी. सचिन पायलट ने कहा कि आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए संविधान संशोधन लाने के बाद अब अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए भी संविधान संशोधन लाया जा सकता है और इसमें कोई बड़ा पेच नहीं है.

आरक्षण संशोधन विधेयक पारित होने के साथ ही उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सवाई माधोपुर में पटरियों पर बैठे गुर्जर आंदोलनकारियों और प्रदेश में अलग-अलग जगह सड़क जाम करने वाले लोगों से फिर अपने घर लौटने की अपील की. पायलट ने कहा कि पिछले 6 दिन में देशभर के अलग-अलग हिस्सों में कई जगह लोगों को परेशानी हुई है, लेकिन अब आरक्षण संशोधन विधेयक पारित होने के बाद रेलवे ट्रैक और सड़क जाम करने का कोई औचित्य नहीं रह गया है.

गुर्जर, राईका-रेबारी, बंजारा, गाडिया लोहार और गडरिया जातियों को एक बार फिर प्रदेश में 5 फ़ीसदी आरक्षण मिलने का रास्ता साफ तो हो गया है, लेकिन यह किसी को नहीं पता कि कब तक यह आरक्षण बरकरार रहेगा? अगर इस आरक्षण के रास्ते में कानूनी बाधा आई तो एक बार फिर से अति पिछड़ों को आरक्षण का मामला अदालती प्रक्रिया में अटक सकता है.