मुंबई फुट ओवर ब्रिज हादसे में 3 नर्सों की मौत, नाइट शिफ्ट करने जा रही थीं अस्पताल

मतृक नर्सों का नाम अपूर्वा प्रभू , रंजना तांबे और भक्ती शिंदे है. जो कि मुंबई के ही गोकुलदास तेजपाल हॉस्पिटल में काम करती थीं.

मुंबई फुट ओवर ब्रिज हादसे में 3 नर्सों की मौत, नाइट शिफ्ट करने जा रही थीं अस्पताल
मतृक नर्सों का नाम अपूर्वा प्रभू, रंजना तांबे और भक्ती शिंदे है.

आतीश भोइर, मुंबईः मुंबई के व्यस्ततम रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनल के पास गुरुवार को हुए फुट ओवर ब्रिज हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 लोग घायल हो गए. हादसे में जान गंवाने वालों में 3 नर्सें भी शामिल हैं. जो कि गुरुवार की रात नाइट शिफ्ट के लिए घर से निकली थीं, लेकिन फिर वापस न लौट सकीं. बता दें मतृक नर्सों का नाम अपूर्वा प्रभू , रंजना तांबे और भक्ती शिंदे है. जो कि मुंबई के ही गोकुलदास तेजपाल हॉस्पिटल में काम करती थीं. डोंबिवली की रहनेवाली तीनों नर्सों की मौत की खबर मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.

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बता दें तीनों नर्सें डोंबिवली की लोकल ट्रेन से सीएसटी स्टेशन पहुंची थीं और वहां से जैसे ही जीटी अस्पताल के लिए निकलीं कि फुट ओवर ब्रिज पर हादसे का शिकार हो गईं. वहीं नर्सों की मौत से तीनों नर्सों के परिवार में शोक और मातम पसरा हुआ है. नर्सों की मौत पर गुस्सा जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन ने कहा कि 'पैसे देने हमारे अपने वापस आ जाएंगे क्या.' बता दें हादसे में मृत डोंबिवली के बेस्ट दीनदयाल रोड के ओमसाईं दत्त बिल्डिंग में रहने वाली भक्ती शिंदे इन्हीं तीनों नर्सों में से एक हैं, जिनका एक 14 साल का बेटा ओंकार शिंदे मां की मौत से शोक में है और पति राजेंद्र और सास भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं.

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वहीं डोंबिवली बेस्ट की ठाकूरवाड़ी की उदयराज बिल्डिंग में प्रभू परिवार में दुख पसरा हुआ है. फुट ओवर ब्रिज में जान गंवाने वालों में अपूर्वा प्रभू भी एक थीं. उनके पति अभय प्रभू निजी कंपनी में जॉब करते हैं. अपूर्वा का एक 12 साल का लड़का गणेश प्रभू और 9 साल की लड़की चिन्मयी है. ऐसे में पत्नी की मौत ने अपूर्वा के पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है.

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वहीं डोंबिवली के गणेशनगर इलाके के शिवसागार अपार्टमेंट की नर्स रंजना तांबे का परिवार भी दुख में डूबा हुआ है. बता दें रंजना यहां अपनी मां और भाई के साथ रहती थीं. पिछले 20 सालों से जीटी अस्पताल में नौकरी कर रही रंजना के परिवार को क्या पता था कि आज की ड्यूटी उनकी जिंदगी के लिए अंतिम दिन साबित होगी.