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जम्‍मू-कश्‍मीर में जब हालात सामान्‍य हो जाएंगे तो उसे पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया जाएगा : राम माधव

प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में 114 सीटें होंगी. इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लिए होंगी, जो कि फिलहाल खाली रहेंगी. वहीं 90 सीटें जम्मू-कश्मीर के लिए होंगी.

जम्‍मू-कश्‍मीर में जब हालात सामान्‍य हो जाएंगे तो उसे पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया जाएगा : राम माधव
श्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थी भी यहां हैं, उनके अधिकार भी उन्हें वापस दिए जाएंगे. राम माधव (फोटो साभारः ANI)

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और जम्‍मू-कश्‍मीर के प्रभारी महासचिव राम माधव ने जम्मू-कश्मीर के लिए तैयार विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि, जम्मू-कश्मीर के लिए एक विधेयक तैयार किया हैस जिसके तहत 31 अक्टूबर के बाद जम्मू-कश्मीर को कुछ समय के लिए केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, जिसके बारे में गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में भी स्पष्ट जानकारी दी थी. वहीं स्थिति सामान्य हो जाने के बाद इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने आगे कहा कि, जम्मू में विधानसभा सीटों का फिर से परिसीमन किया जाएगा. जिसके बाद प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में 114 सीटें होंगी. इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लिए होंगी, जो कि फिलहाल खाली रहेंगी. वहीं 90 सीटें जम्मू-कश्मीर के लिए होंगी.

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आर्टिकल 370: 'मैंने मजबूरी में घर छोड़ा था, मरने से पहले कश्मीर जाना चाहती हूं'

माधव ने आगे कहा कि, जम्मू कश्मीर में ऐसे कई समूह हैं, जिन्हें मानव जीवन के लिए जरूरी बुनियादी मानवाधिकारों के बिना अपना जीवन जीना पड़ रहा है. कश्मीरी पंडितों के हालातों के बारे में हर कोई जानता है, जिन्हें अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रहना पड़ रहा है. वह इसके लिए मजबूर हैं, लेकिन अब उन पर भी ध्यान दिया जाएगा और उनके पुनर्व्यव्सथापन की व्यवस्था भी की जाएगी. यही नहीं पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थी भी यहां हैं, उनके अधिकार भी उन्हें वापस दिए जाएंगे.

बता दें बीते 5 अगस्त को केंद्र की मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को निष्प्रभावी करते हुए उससे विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था. यही नहीं केंद्र सरकार ने संसद में
विधेयक पास कराकर राज्य को दो हिस्सों में विभाजित करने रास्ता भी साफ कर दिया था, जिसके बाद अब लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे.