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स्टेडियम से लाइव कमेंट्री...और चंद सेकंड में करोड़ों की हेराफ़ेरी?

शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि गिरोह का सरगना इंग्लैंड के ओल्ड ट्राफ्फोर्ड (Old Trafford) से लाइव कमेंट्री कर रहा था जिससे मुंबई में बैठे सटोरियों को हर गेंद की जानकारी टीवी पर होने वाले लाइव टेलीकास्ट से कुछ सेकंड पहले ही मिल रही थी.

स्टेडियम से लाइव कमेंट्री...और चंद सेकंड में करोड़ों की हेराफ़ेरी?

मुंबईः मुंबई पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल ने कई करोड़ की सट्टेबाज़ी का भंडाफोड़ करते हुए दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है. वर्ल्डकप टूर्नामेंट में शुक्रवार (21 जून) को वेस्टइंडीज़ बनाम न्यूज़ीलैंड क्रिकेट मैच के दौरान एंटी नारकोटिक्स सेल की एक टीम ने मुंबई के ग्रांटरोड इलाके के बलवास होटल के रूम नंबर 203 में जब छापेमारी की तब इस कमरे से करोड़ों की सट्टेबाज़ी को अंजाम दिया जा रहा था. जांच के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड टेलीफोन पर हर गेंद की लाइव कमेंटरी कर रहा था. पुलिस इस तफ्तीश में जुटी है कि आखिर इस लाइव कमेंटरी का सट्टेबाज़ी से क्या कनेक्शन है?

शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि गिरोह का सरगना इंग्लैंड के ओल्ड ट्राफ्फोर्ड (Old Trafford) से लाइव कमेंट्री कर रहा था जिससे मुंबई में बैठे सटोरियों को हर गेंद की जानकारी टीवी पर होने वाले लाइव टेलीकास्ट से कुछ सेकंड पहले ही मिल रही थी. और इन्ही चंद सेकंड में वे सट्टे के भाव को सुधारते थे ताकि उनका मुनाफा हो सके. गौरतलब है कि लाइव ब्रॉडकास्ट दिखाने की प्रक्रिया में तकनीकी कारणों की वजह से तकरीबन 4 सेकेंड से लेकर 10 सेकंड तक की देरी मुमकिन है, और ये गिरोह कुछ सेकंड की इसी देरी का फायदा उठाना चाहता था. 

डी.बी मार्ग पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सूर्यकांत बांगर ने कहा कि," हम मामले की जांच में जुटे हैं. ये मामला ब्रॉडकास्ट में देरी का फायदा उठाने के लिए स्टेडियम से लाइव कमेंटरी का हो सकता है. लाइव कमेंट्री करने वाले आरोपी की तलाश जारी है."

बहरहाल पुलिस अपने शक को यकीन में बदलने के लिए गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फ़ोन और उनके इनकमिंग आउटगोइंग कॉल्स की लोकेशन और दूसरी जानकारियां इकठ्ठा करने में जुटी हैं. पुलिस ने छापेमारी के दौरान मुंबई निवासी 51 वर्षीय विश्वास तकलकर और बंगलौर के रहने वाले 24 वर्षीय अजय कांतराज नाम के दोनों सटोरियों के पास से 8 मोबाइल, एक एलसीडी स्क्रीन और कुछ नगदी बरामद की है. साथ ही पुलिस ने इनके पास से एक डायरी भी बरामद की जिसमें पिछले 11 दिनों में 14 करोड़ की सट्टेबाज़ी का ज़िक्र किया गया है.

पुलिस सट्टा लगानेवाले पंटर्स तक भी पहुंचने की कोशिश में जुटी है. पुलिस को शक है कि लाखों रुपये सट्टा लगानेवाले लोगों में कुछ हस्तियां भी शामिल हो सकती हैं.  एंटी नारकोटिक्स सेल की छापेमारी के बाद अब मुंबई के डी.बी. मार्ग पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की तफ्तीश में जुटी है.