close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

नवरात्र से पहले हो सकती है शिवसेना-BJP गठबंधन की घोषणा, अमित शाह लेंगे अंतिम फैसला

शिवसेना (Shivsena) बीजेपी (BJP) से सीट बंटवारे में कम से कम 125 सीटों से ज्यादा की मांग पर अड़ी हुई है. यही वजह है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) के चुनाव पूर्व गठबंधन (Alliance) का मामला खिंचता जा रहा है. 

नवरात्र से पहले हो सकती है शिवसेना-BJP गठबंधन की घोषणा, अमित शाह लेंगे अंतिम फैसला
(फाइल फोटो)

मुंबई: नवरात्र (Navratra) से पहले शिवसेना (Shivsena) और बीजेपी (BJP) के बीच गठबंधन की तैयारी है. करीब दस विधानसभा सीटों (Assembly Seats) पर रस्साकशी जारी है. सीएम देवेन्द्र फडणवीस बीजेपी (BJP) अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) से बैठक के बाद शिवसेना (Shivsena) और बीजेपी (BJP) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन पर फैसले की उम्मीद टिकी हुई है. बीजेपी (BJP) सूत्र बताते हैं कि बीजेपी (BJP), शिवसेना (Shivsena) को फिफ्टी-फिफ्टी फॉर्मूले के तहत महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में चुनाव पूर्व गठबंधन में 122 से ज्यादा सीटें नहीं छोड़ेगी.

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं
शिवसेना (Shivsena) बीजेपी (BJP) से सीट बंटवारे में कम से कम 125 सीटों से ज्यादा की मांग पर अड़ी हुई है. यही वजह है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) के चुनाव पूर्व गठबंधन (Alliance) का मामला खिंचता जा रहा है. शिवसेना (Shivsena) कुछ नर्म पड़ी है. हालांकि शिवसेना (Shivsena) अब तक बीजेपी (BJP) के सामने चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर फिफ्टी-फिफ्टी फार्मूले की शर्त रखती आई थी. और बीजेपी (BJP) पर दबाव बनाने के लिए सभी 288 विधानसभा क्षेत्र में इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी शुरू कर दिये थे.

दोनों दलों में तनाव के बीच नए फॉर्मूले पर मंथन जारी है. शिवसेना (Shivsena) के कोटे में 120-122 तक  सीटें, बीजेपी (BJP) 162 से 165 सीटें और बची हुई सीटों पर एनडीए के छोटे सहयोगी दलों की झोली में डालने के फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगाने की बीजेपी (BJP) की ओर से कोशिश है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली में आला नेताओं के साथ चर्चा कर चुके हैं. सब कुछ ठीक रहा तो पितृपक्ष खत्म होते ही नवरात्र से पहले शिवसेना (Shivsena) और बीजेपी (BJP) गठबंधन का ऐलान होने की तैयारी चल रही है.

देखें लाइव टीवी

सीटों के बंटवारे का संभावित फॉर्मूला 
बीजेपी (BJP): 162-165 सीटें  
शिवसेना (Shivsena): 120-122 सीटें

बताया जा रहा है कि कम सीटों के एवज में शिवसेना (Shivsena) की बीजेपी (BJP) के सामने आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री बनाने की भी शर्त है. दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर दो बड़ी पेंच है. एक यह कि शिवसेना (Shivsena) के सामने कई मुश्किलें हैं, मसलन पार्टी को मुंबई और थाणे जिले की कई सीटें पार्टी की झोली से निकल जाएंगी जो दशकों तक शिवसेना (Shivsena) का गढ़ रही हैं. पुणे और पश्चिम महाराष्ट्र में बीजेपी (BJP) शिवसेना (Shivsena) की कई सीटें अदला-बदली में मांग रही है जिस पर शिवसेना (Shivsena) का दबदबा रहा है.

इसके अलावा शिवसेना (Shivsena) की मुश्किल यह भी है कि बीजेपी (BJP) ने उसके कई पुराने चेहरे पार्टी में ले लिया है और उन्हें बीजेपी (BJP) विधानसभा चुनाव में टिकट थमाने जा रही है. इसमें पूर्व सीएम नारायण राणे, पूर्व मंत्री गणेश नाइक जैसे नाम शामिल हैं. शिवसेना (Shivsena) के दूसरी कतार के कई बड़े चेहरे बीजेपी (BJP) के सामने सीटों के बंटवारे में 50-50 के फॉर्मूले को लेकर दबाव बनाने के लिए आए दिन बयान दे रहे हैं और शिवसेना (Shivsena) सांसद संजय राउत और कैबिनेट मंत्री दिवाकर रावते तो यहां तक कह चुके हैं कि 50-50 का फॉर्मूला बीजेपी (BJP) नहीं मानती है तो गठबंधन टूटना तय है.

हालांकि बुधवार को शिवसेना (Shivsena) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सामने आए और बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) की सियासी दोस्ती की कसमें खाईं और सूबे में दोनों दलों के गठबंधन की सरकार दोबारा बनने का दावा ठोंक दिया. उद्धव ठाकरे ने कहा था, "कोई संदेह नहीं है कि महाराष्ट्र में महायुति की ही सरकार फिर बनेगी और हम वादा करते हैं कि हम लोगों के कल्याण का काम करते रहेंगे." आपको बता दें कि शिवसेना (Shivsena) 2014 छोड़कर हमेशा बीजेपी (BJP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ती आई है. हालांकि तब शिवसेना (Shivsena) 171 और बीजेपी (BJP) 117 सीटों पर गठबंधन में चुनाव लड़ती रही थी. लेकिन अब सियासी सूरत बदल चुकी है और अब बीजेपी (BJP) ज्यादा सीटों पर लड़ने की तैयारी में है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र की विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं. सूबे की विधानसभा में मौजूदा दलीय स्थिति इस तरह है...
कुल सीट – 288
बीजेपी (BJP) – 122
शिवसेना (Shivsena)– 63
कांग्रेस – 42
एनसीपी– 41
अन्य-20

अन्य में एमआईएम, समाजवादी पार्टी, बहुजन विकास आघाडी और निर्दलीय हैं. हालांकि कई कांग्रेस और एनसीपी विधायक हाल ही में अपनी पार्टी छोड़ बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) में शामिल हो चुके हैं.

महाराष्ट्र में बीजेपी (BJP) की सियासी ताकत इन दिनों खासी बढ़ी हुई नजर आ रही है. सूबे में सीएम देवेंद्र फडणनवीस प्रदेश की यात्रा पूरी कर पार्टी में पहले ही जान फूंक चुके हैं. रही सही कसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने नाशिक और मुंबई में रैलियां आयोजित कर महाराष्ट्र की सियासत में बीजेपी (BJP) के कमल का रंग और चटक कर गए हैं. पार्टी जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, दुनिया भर में भारत के बढ़ते कद और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर विपक्ष को घेरकर सूबे में बीजेपी (BJP) ने अपनी ताकत को और बढ़ा लिया है. उधर शिवसेना (Shivsena) ने अपने युवा चेहरे आदित्य ठाकरे को सूबे की सियासत में उतारने के लिए  यात्रा का आयोजन कर पार्टी में नई जान फूंकने की जबरदस्त कोशिश की जा चुकी है. शिवसेना (Shivsena) ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर और नए मोटर व्हिकल एक्ट जैसे मुद्दों को हाल के दिनों में हवा देकर सहयोगी बीजेपी (BJP) पर खासा दबाव भी बढाया है.