ZEE जानकारी: भारत की संस्कृति का प्रतीक है कुंभ

इस बार प्रयागराज के कुंभ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं.. आज जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक मकर संक्रांति से लेकर मौनी अमावस्या तक साढ़े 12 करोड़ लोग कुंभ में स्नान कर चुके हैं.

ZEE जानकारी: भारत की संस्कृति का प्रतीक है कुंभ

अब हम आपको भारत की प्राचीन और महान संस्कृति के मुख्यालय में लेकर चलेंगे . अगर आप भारत के धर्म, अध्यात्म, ज्ञान और परंपरा को बहुत करीब से महसूस करना चाहते हैं तो आपको प्रयागराज में कुंभ के दर्शन ज़रूर करने चाहिए. इस बार प्रयागराज के कुंभ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं.. आज जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक मकर संक्रांति से लेकर मौनी अमावस्या तक साढ़े 12 करोड़ लोग कुंभ में स्नान कर चुके हैं. ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

आज हमारे पास प्रयागराज से कुंभ की अभूतपूर्व तस्वीरें आई हैं . Drone Camera से Record की गई इन तस्वीरों को देखकर आपका हृदय रोमांचित हो जाएगा . 

वर्ष 2013 में पूरे कुंभ के दौरान... यानी मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक... प्रयागराज में 12 करोड़ लोगों ने स्नान किया था . लेकिन इस बार मौनी अमावस्या तक ही साढ़े 12 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं . इस बार 4 मार्च को महाशिवरात्रि है. और उस दिन तक कुंभ स्नान करने वालों की संख्या, आज के मुकाबले दोगुनी होने की उम्मीद है.

2 फरवरी तक प्रयागराज में 7 करोड़ 49 लाख लोगों ने स्नान किया था . लेकिन मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज में 5 करोड़ लोगों ने स्नान किया . जिसके बाद ये आंकड़ा बढ़कर साढ़े 12 करोड़ तक पहुंच गया . आप ये भी कह सकते हैं कि कल शाम तक भारत के हर 10 नागरिकों में से एक नागरिक... कुंभ में स्नान कर चुका था . वर्ष 2017 में जापान की कुल आबादी 12 करोड़ 68 लाख थी .यानी जापान की आबादी के बराबर लोग इस बार के कुंभ में स्नान कर चुके हैं . दुनिया में साढ़े 12 करोड़ या उससे ज़्यादा आबादी वाले सिर्फ 12 देश हैं . जबकि दुनिया में 190 से भी ज़्यादा देश ऐसे हैं जिनकी आबादी साढ़े 12 करोड़ से कम है . 

अभी आपने Drone Camera की नज़र से 21वीं सदी के कुंभ की अभूतपूर्व तस्वीरें देखीं . अब हम आपको चीन के प्राचीन यात्री ह्वेन सांग की नज़र से कुंभ की 1 हज़ार 350 वर्ष पुरानी तस्वीर दिखाएंगे . आप सोच रहे होंगे कि उस ज़माने में तो कैमरा ही नहीं था. तो फिर तस्वीर कैसे दिखाई जा सकती है. लेकिन आप भूल रहे हैं कि जब कैमरा नहीं था तो लोग अपनी यात्राओं के विवरण लिखते थे और वो पुस्तकें आज भी उपलब्ध हैं.

ह्वेन सांग ने आज से 1350 वर्ष पहले भारत की यात्रा की थी . सम्राट हर्षवर्धन के राज में ह्वेनसांग ने प्रयागराज का दौरा भी किया था . उस वक्त भी प्रयागराज में कुंभ का मेला लगा हुआ था . ह्वेन सांग ने 1350 वर्ष पहले कुंभ के दृश्य को अपनी डायरी में Note किया था . 

ह्वेनसांग ने लिखा था.. .
'सम्राट हर्षवर्धन ने कुंभ का आयोजन किया था . ये एक धार्मिक क्रिया थी जिसका आयोजन दो नदियों के संगम पर किया गया. ये जगह प्रयाग में मौजूद है. यहां पर अलग-अलग आस्थाएं रखने वाले 5 लाख लोगों ने स्नान किया. लोगों की ये मान्यता है कि यहां पर स्नान करने से पाप नष्ट हो जाते हैं .'

ह्वेनसांग ने 5 लाख लोगों के स्नान का अनुमान लगाया था. कुछ इतिहासकारों का ये भी कहना है कि ह्वेनसांग अर्धकुंभ के वक्त प्रयागराज गया था. अगर इस आकंड़े से आज के आंकड़े की तुलना करें तो ये कहा जा सकता है कि महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या 250 गुना बढ़ चुकी है