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TMC सांसद की मांग- संसद भवन परिसर में स्थापित की जाए बंकिमचंद्र चटर्जी की प्रतिमा

राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपध्याय की प्रतिमा संसद भवन में स्थापित करने की मांग टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने की.

TMC सांसद की मांग- संसद भवन परिसर में स्थापित की जाए बंकिमचंद्र चटर्जी की प्रतिमा
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपध्याय

नई दिल्ली: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपध्याय की प्रतिमा संसद भवन परिसर में लगाने की मांग करते हुए तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि इस संबंध में औपचारिकताएं शीघ्र ही पूरी की जानी चाहिए.  शून्यकाल में डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाया.

बांग्ला में अपनी बात रख रहे डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने आजादी से पहले लोगों को अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह करने के लिए प्रेरित किया था. उन्होंने कहा कि संसद सत्र की समाप्ति पर ‘वंदे मातरम’ गाया जाता है. गुरुवार को ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि थी.

उन्होंने कहा,‘संसद भवन परिसर में चट्टोपाध्याय की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए. इस संबंध में तमाम औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करनी चाहिए और एक साल के अंदर प्रतिमा स्थापित कर दी जानी चाहिए ताकि अगले साल 27 जून को हम सब यहां चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए एक साथ ‘वंदे मातरम’ कह सकें.’

इस पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद भवन परिसर में प्रतिमाएं स्थापित करने के बारे में विचार के लिए एक समिति है और सदस्य को चाहिए कि वह उस समिति के समक्ष प्रस्ताव भेजें. विभिन्न दलों के सदस्यों ने डेरेक ओ ब्रायन के इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया. 

'बुजुर्ग आबादी के अनुभव का लाभ लेने संबंधी मुद्दा उठा' 
इसी पार्टी की शांता छेत्री ने देश की बुजुर्ग आबादी के अनुभव का लाभ लेने संबंधी मुद्दा उठाया. शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आबादी देश की कुल आबादी का 8.5 फीसदी है और इनमें बुजुर्गों की संख्या 103.9 मिलियन है.  शांता ने कहा ‘इन बुजर्गों के पास अच्छा खासा अनुभव है और सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों में इनके अनुभवों का लाभ ले सकती है.’

कांग्रेस के रोनाल्ड सापा त्लाऊ ने आईजोल को शेष देश से जोड़ने के लिए पर्याप्त उड़ानों की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उड़ानें कम होने की वजह से कई बार अधिक किराया देना पड़ता है.  त्लाऊ ने कहा कि उड़ानों की संख्या में कमी तथा अधिक किराया... यह दोनों स्थितियां प्रधानमंत्री की आम आदमी को ध्यान में रख कर शुरू की गई ‘‘उड़ान’’ योजना के लिए एक धब्बा हैं.

निर्दलीय एम पी वीरेन्द्र कुमार ने कर्ज लेने वाले छोटे किसानों का मुद्दा उठाया और कर्ज के बोझ के चलते कई किसानों द्वारा आत्महत्या करने पर चिंता जतायी. वीरेन्द्र कुमार ने सरकार से इस ओर शीघ्र ध्यान देने की अपील की.

सदस्यों ने इन मुद्दों को उठाया
शून्यकाल में ही बीजेपी के प्रभात झा ने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही थीं. राज्य सरकार की 303 योजनाएं थीं जिनमें से 137 योजनाओं को बंद किया जा चुका है.

झा ने कहा‘इन योजनाओं को बंद करने का कारण पता नहीं है लेकिन योजनाएं बंद होने की वजह से कई गांवों से, खास तौर पर आदिवासी बहुल इलाकों से बड़े स्तर पर पलायन हो रहा है. जबकि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में दस साल से कोई पलायन नहीं हुआ था.’ बीजेपी सदस्य ने यह भी कहा कि आवश्यकता से अधिक बिजली वाले राज्य मध्यप्रदेश में अब चार चार घंटे बिजली कटौती की जा रही है.  उन्होंने सरकार से इस ओर ध्यान देने का अनुरोध किया.

अन्नाद्रमुक के नवनीत कृष्णन ने कावेरी बांध का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार की अनुमति के बिना यह बांध नहीं बनाया जा सकता. प्रधानमंत्री से तत्काल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कृष्णन ने कहा कि इस बांध के निर्माण के लिए कर्नाटक सरकार को पर्यावरण तथा अन्य मंजूरियां नहीं दी जानी चाहिए.  सदन में मौजूद कर्नाटक के सदस्यों ने उनके इस कथन पर विरोध जताया.

सपा के सुरेंद्र सिंह नागर ने उत्तरप्रदेश के बुलंद शहर में छेड़छाड़ का विरोध करने पर दो महिलाओं को कार से कुचल कर कथित तौर पर मार डाले जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी रसूखदार है और पुलिस उसे संरक्षण दे रही है. इनके अलावा बीजेपी की रूपा गांगुली और अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने भी अपने अपने मुद्दे उठाए. इसके बाद बीजेपी के सत्यनारायण जटिया, अन्नाद्रमुक सदस्य एल के सेल्वाराज और सपा के संजय सेठ ने विशेष उल्लेख के जरिये लोक महत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए .