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नुसरत जहां सिंदूर लगाएं या चूड़ा पहनें, हर किसी का सम्मान होना चाहिए: मिमी चक्रवर्ती

तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने रविवार को अपनी दोस्त और साथी सांसद नुसरत जहां का समर्थन करते हुए कहा कि हर किसी के व्यक्तिगत जीवन का सम्मान होना चाहिए 

नुसरत जहां सिंदूर लगाएं या चूड़ा पहनें, हर किसी का सम्मान होना चाहिए: मिमी चक्रवर्ती
फोटो साभारः PTI

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने रविवार को अपनी दोस्त और साथी सांसद नुसरत जहां का समर्थन करते हुए कहा कि हर किसी के व्यक्तिगत जीवन का सम्मान होना चाहिए और महिलाओं को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "मैंने अपनी दोस्त का समर्थन किया है और आगे भी ऐसा करती रहूंगी, चाहे वह सिंदूर लगाएं या चूड़ा पहनें. हर किसी की व्यक्तिगत जिंदगी का सम्मान होना चाहिए. हमें तो जींस पहनने के लिए ट्रोल कर दिया गया था. महिलाओं को सम्मान दिया जाना चाहिए और हम भारत का प्रतिनिधित्व करतीं हैं."

25 जून को संसद में शपथ ग्रहण समारोह में शादी के बाद के नुसरत जहां के 'गैर इस्लामी' पहनावे की आलोचना करते हुए मुस्लिम धर्मगुरुओं के एक समूह ने संसद की नव-विवाहित सदस्य के खिलाफ फतवा जारी किया था. अभिनेत्री से नेता बनी नुसरत ने 19 जून को व्यापारी निखिल जैन से शादी की. संसद में सिंदूर और चूड़े में दिखने के बाद नुसरत की आलोचना हुई थी, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि वह 'समावेशी भारत' का प्रतिनिधित्व करती हैं.

किसी को भी मेरे वस्त्रों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, धर्म कपड़े से परे है : नुसरत जहां
नवनिर्वाचित सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने कहा है कि किसी को इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए कि वह क्या पहनती हैं क्योंकि ‘‘धर्म कपड़ों से परे होता है.’’ अभिनेत्री ने कट्टरपंथी मौलवियों की भी मुखालफत की, जिन्होंने उनके सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र पहनने की आलोचना की है. देवबंद के मौलवियों के एक धड़े ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद के खिलाफ कथित तौर पर ‘फतवा’ भी जारी किया.

पश्चिम बंगाल के बसीरहाट की सांसद 25 जून को पहली बार संसद में सिंदूर लगाए हुई पहुंचीं और शपथ लेने के बाद उन्होंने ‘वंदे मातरम’ कहा. जहां (29) ने व्यवसायी निखिल जैन से जून में तुर्की में शादी की और इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संसद में शपथ ली. मौलवियों ने दावा किया कि जहां ने जैन धर्म में शादी कर इस्लाम का अपमान किया और उनके वस्त्र को ‘‘गैर इस्लामिक’’ बताया.

जामिया शेख उल हिंद के मुफ्ती असद कासमी ने दावा किया, ‘‘मुस्लिमों की शादी मुस्लिमों में ही हो सकती है और वे केवल अल्लाह के सामने झुक सकते हैं. इस्लाम में वंदे मातरम, मंगलसूत्र और सिंदूर के लिए कोई जगह नहीं है और ये चीजें धर्म के खिलाफ हैं.’’

आलोचनाओं का जवाब देते हुए जहां ने शनिवार की रात को ट्वीट किया, ‘‘किसी भी धर्म के कट्टरपंथियों के बयानों पर ध्यान देना या प्रतिक्रिया देना केवल नफरत और हिंसा को बढ़ावा देना है और इतिहास इसका गवाह है.’’ उन्होंने कहा कि वह ‘‘समग्र भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं जो जाति, पंथ और मजहब के दायरे से परे है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब भी मुसलमान हूं और किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि मैं क्या पहनूं... मजहब कपड़े से परे होता है.’’ केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा की महिला नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जहां का समर्थन किया है.

इनपुट आईएएनएस से भी