कठुआ : बरी होने के बाद विशाल जंगोत्रा ने कहा- मुझे बहुत टॉर्चर किया गया, Zee News का आभार कि वह सच सामने लाया

कोर्ट ने ज़ी न्यूज़ (Zee News) की रिपोर्टिंग में दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाते हुए विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया. 

कठुआ : बरी होने के बाद विशाल जंगोत्रा ने कहा- मुझे बहुत टॉर्चर किया गया, Zee News का आभार कि वह सच सामने लाया
कोर्ट ने Zee News की रिपोर्ट और फुटेज को सबूत के तौर पर माना.

नई दिल्ली: कठुआ गैंपरेप केस (Kathua Rape case) में सोमवार को पठानकोट की विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि तीन अन्य को पच्चीस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई. करीब 17 महीने पहले हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. वहीं, कोर्ट ने ज़ी न्यूज़ (Zee News) की रिपोर्टिंग में दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाते हुए विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया. कोर्ट ने Zee News की रिपोर्ट और फुटेज को सबूत के तौर पर माना. अदालत ने ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सच्चाई को सामने लाना का भरसक प्रयास किया. आरोपमुक्त होने के बाद विशाल ने ज़ी न्यूज़ से बात की जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच पर प्रताड़ना का आरोप लगाया. 

विशाल एक साल बाद जेल से छूटे हैैं. विशाल ने कहा, "मेरे मेरठ में बीएससी के पेपर खत्म ही हुए थे. एक दिन अचानक मेरे कमरे में जम्मू-कश्मीर पुलिस के क्राइम ब्रांच के अधिकारी पहुंचे. मेरी पिटाई की. मारते-मारते जम्मू ले गए. मेरे दोस्तों को प्रताड़ित किया. मेरे परिवार को तबाह को करने की धमकी दी. सुबह से लेकर देर रात तक मेरे साथ मारपीट की." 

विशाल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "मुझे झूठ बोलने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच लगातार टॉर्चर करती रही. परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई. मुझसे जुर्म कबूलने को कहा गया. मेरे दोस्तों को भी प्रताड़ित किया गया. ज़ी न्यूज़ ने मेरा बहुत साथ दिया. ज़ी न्यूज़ को बहुत-बहुत शुक्रिया. मेरे पिता पर गलत आरोप लगाए."

केस से बरी विशाल जंगोत्रा से ज़ी न्यूज़ खास बातचीत

विशाल ने अपनी आपबीती को याद करते हुए कहा, "क्राइम ब्रांच मेरे पूरे परिवार को फंसाना चाहती थी. मुझ पर पेपर ने देने का दवाब बनाया. मुझे घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी. मेरे व्हॉटएप्स पर फोटो आई थी कि एक बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ है." विशाल ने आगे कहा, "क्राइम ब्रांच सोची-समझी साजिश के तहत फंसाना चाहती थी. मेरे परिवार को खत्म करने की साजिश थी. मेरे पेपर की वीडियो थी, लेकिन उसे डिलीट कर दिया गया. मुझे जुर्म कबूलने के लिए कहा गया, मारपीट की गई, मेरे पिता के सामने मारपीट की गई." 

विशाल की मां ने ज़ी न्यूज़ की तारीफ करते हुए कहा, "मेरा बेटा बरी हो गया. इसके लिए मैं ज़ी न्यूज़ का बहुत-बहुत शुक्रिया करती हूं. बहुत-बहुत आभारी हूं. मेरे बेटे के दो साल बर्बाद हो गए. कौन उसका समय वापस लाएगा. कहां जाएगा, कहां खाएगा, पढ़ाई बर्बाद हुआ, जिंदगी बर्बाद हुई. ये भरपाई सरकार को करनी होगी." 

विशाल जंगोत्रा की बहन मोनिका ने ज़ी न्यूज की शुक्रिया करते हुए कहा, "जब ये केस बना था, तब हमारी किसी सरकार ने नहीं सुनी थी. ज़ी न्यूज़ ने सच्चाई दिखाई थी. ज़ी न्यूज़ का शुक्रिया करते हैं, दिल से शुक्रिया करते हैं. आपने जितना हमारे लिए किया, उतना किसी ने नहीं किया. सबसे पहले सच्चाई की आवाज आपने उठाई थी. ज़ी न्यूज़ ने क्राइम ब्रांच का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया था. निर्दोष लोग छूटने चाहिए."

इस खबर को अंग्रेजी में भी पढ़ें...