TDP का गढ़ है अनाकापल्ली, क्या इस बार भी पार्टी को मिलेगा जनता का आशीर्वाद

 लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अनाकापल्ली में पहले चरण में मतदान हो चुका है. अनाकापल्ली को टीडीपी का गढ़ माना जाता है.

TDP का गढ़ है अनाकापल्ली, क्या इस बार भी पार्टी को मिलेगा जनता का आशीर्वाद

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अनाकापल्ली में पहले चरण में मतदान हो चुका है. अनाकापल्ली को टीडीपी का गढ़ माना जाता है. 2011 की जनगणना के अनुसार अनाकापल्ली की कुल आबादी 86,612 है. यह लोकसभा क्षेत्र विज़ाग स्टील प्लांट के नजदी है. इस सीट में बहुत हद तक शहरी क्षेत्र है. अनाकापल्ली के क्षेत्र को स्टील इंडस्ट्री के रूप में जाना जाता है. कई उच्च स्तर के शैक्षणिक संस्थान भी हैं. 

अनाकापल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत सात विधानसभा सीटें हैं. 2014 में मुकाबला टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी लेकिन बाजी टीडीपी के हाथ लगी थी. टीडीपी की ओर से मुत्तमसेट्टी श्रीनिवास राव ने 47,932 वोट से जीत हासिल की थी. इस बार पार्टी ने वर्तमान सांसद राव का टिकट काटकर अदारी आनंद को मैदान में उतारा है. उधर, वाईएसआर कांग्रेस ने सत्यवथी को सीट निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस ने 
श्रीराम मूर्ति को तो बीजेपी ने डॉ. गांडी वेंकट सत्यनारायण भरोसा जताया है. लेकिन कड़ी टक्कर टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच मानी जा रही है. 

 

टीडीपी के सामने सीट बचाने की चुनौती
पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में टीडीपी की ओर से मुत्तमसेट्टी श्रीनिवास राव ने 47,932 वोट से जीत हासिल की थी. टीडीपी ने 1984 में यहां अपना खाता खोला था. तब से टीडीपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला होता रहा है. 2004 में टीडीपी ने इस सीट पर अपना परचम लहराया तो 2009 के चुनाव में सीट गंवा दी. 2014 में एक बार फिर से टीडीपी ने कब्जा जमाया लेकिन इस बार कांग्रेस मुकाबले से बाहर हो गई और तीसरे स्थान पर खिसक गई. वाईएसआर ने कड़ी चुनौती दी.