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JDU ने तय कर लिया विधानसभा चुनाव का एजेंडा, विशेष राज्य के दर्जे को बनाएगी मुद्दा

बिहार में अगले साल विधनसभा चुनाव प्रस्तावित है. सत्तारूढ़ जेडीयू ने जिस तरीक से विशेष राज्य का मुद्दा उठाया है उससे तो यही प्रतीत हो रहा है कि नीतीश कुमार इसी मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतरेंगे. 

JDU ने तय कर लिया विधानसभा चुनाव का एजेंडा, विशेष राज्य के दर्जे को बनाएगी मुद्दा
विधानसभा चुनाव में जेडीयू विशेष राज्य के दर्जे को बनाएगी मुद्दा. (फाइल फोटो)

पटना : लोकसभा चुनाव खत्म ही हुए हैं कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बिहार को विशेष राज्य का मुद्दा छेड़ कर बिहार में सियासी सरगर्मी तेज कर दिया. चुनाव परिणाम आने से पहले दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा आयोजित डिनर में शामिल होने के लिए नीतीश कुमार भी दिल्ली आ रहे हैं. दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे लिए विशेष राज्य का मुद्दा अहम है.

बिहार में अगले साल विधनसभा चुनाव प्रस्तावित है. सत्तारूढ़ जेडीयू ने जिस तरीक से विशेष राज्य का मुद्दा उठाया है उससे तो यही प्रतीत हो रहा है कि नीतीश कुमार इसी मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतरेंगे. यह मुद्दा नीतीश कुमार के सुशासन बाबू और विकास पुरुष वाली कथित छवि के हिसाब से ही होगा. नीतीश कुमार को पुराने रंग में लौटने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है.

आज पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष राज्य के मुद्दे पर एक करोड़ से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर हैं. केंद्र ने विशेष राज्य के दर्जे को लेकर बात भी कही थी. साथ ही 15वें वित्त आयोग के सामने भी तर्क संगत बातें रखी जा चुकी हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एनके सिंह वोट देने बिहार आए थे, तब भी हमने ये बात उनसे कही थी. नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे लिए विशेष राज्य का दर्जा अहम है. हम निरंतर इसके लिए प्रयास करते रहेंगे और तर्क देते रहेंगे.

इससे पहले जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी सोमवार को कहा कि बिहार को विशेष दर्जा दिलाना विधानसभा चुनाव में जेडीयू का मुख्य मुद्दा होगा. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पहले से इस मुद्दे से प्रभावित रही है और समर्थन भी किया है. जेडीयू विशेष राज्य के दर्जे के लिए नियमों में संशोधन कराने की लड़ाई लड़ेगा.

वहीं, वरिष्ठ आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए. विशेष राज्य दर्जे की मांग को लेकर सवा करोड़ जनता का हस्ताक्षर दिल्ली भेजकर वह चुप हो गए. संघ मुक्त भारत बनाने की बात कहकर संघ के साथ चले गए. उन्होंने कहा कि जेडीयू के पास अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है.