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#ZeeMahaExitPoll: क्‍या मोदी दोबारा बनेंगे PM? या बनेगी महागठबंधन की सरकार?

लोकसभा चुनाव (lok sabha elections 2019) संपन्‍न होने के साथ ही सबकी निगाहें एक्जिट पोल 2019 (Exit Poll 2019) पर आकर टिक गई हैं. पूरा देश दम साधे एग्जिट पोल के माध्‍यम से उभरने वाले संभावित चुनावी ट्रेंड/नतीजों की प्रतीक्षा कर रहा है.

#ZeeMahaExitPoll: क्‍या मोदी दोबारा बनेंगे PM? या बनेगी महागठबंधन की सरकार?
23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे.

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव (lok sabha elections 2019) संपन्‍न होने के साथ ही सबकी निगाहें एक्जिट पोल 2019 (ZeeMahaExit Poll 2019) पर आकर टिक गई हैं. पूरा देश दम साधे एग्जिट पोल के माध्‍यम से उभरने वाले संभावित चुनावी ट्रेंड/नतीजों की प्रतीक्षा कर रहा है. सबकी दिलचस्‍पी इस बात में है कि 2014 में पिछले तीन दशकों में पहली बार स्‍पष्‍ट बहुमत से सरकार बनाने वाली बीजेपी क्‍या दोबारा सत्‍ता में वापसी कर पाएगी? ये इस मायने में खास है क्‍योंकि इस बार बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी दलों ने राज्‍यों में गठबंधन भी किया है. इसलिए बड़ा सवाल उठता है कि क्‍या बीजेपी के हारने की स्थिति में क्षेत्रीय दलों का गठबंधन केंद्र की सत्‍ता में आएगा? क्‍या कांग्रेस इस गठबंधन की धुरी बनेगी?

कांग्रेस के लिए भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2014 में अब तक का सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन करने वाली पार्टी इस बार उबरने में कामयाब होगी? क्‍या यूपी में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन बीजेपी के रथ को रोकने में कामयाब होंगे? ऐसा इसलिए क्‍योंकि पीएम मोदी के विजयी रथ को रोकने के लिए सपा-बसपा जैसे प्रतिद्धंद्धी दल एक साथ आए हैं. ये गठबंधन इसलिए अहम है क्‍योंकि कहा जाता है कि दिल्‍ली की गद्दी का रास्‍ता यूपी से ही गुजरता है. इसलिए 80 लोकसभा सीटों वाले राज्‍य में क्‍या बीजेपी को ये गठबंधन रोक पाएगा. 2014 में बीजेपी ने यूपी में अपने दम पर 71 और सहयोगी अपना दल के साथ मिलकर 73 सीटें जीती थीं. इसी के दम पर बीजेपी को केंद्र में निर्णायक बहुमत भी मिला था. ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्‍या ये दल इस बार बीजेपी के रथ को रोक पाएंगे और लोकसभा में अपने लिए नया रास्‍ता खोल पाएंगे?

Exit Poll 2019: 2014 में क्‍या रहे थे एग्जिट पोल के नतीजे? किसकी बात सच निकली?

चुनावी चर्चा का विषय बने इन तमाम सवालों के जवाब आज विभिन्‍न चैनल अपने एक्जिट पोल (Exit Poll 2019) सर्वे के माध्‍यम से देने की कोशिश करेंगे. तमाम चैनलों के सर्वे के आधार पर ZEE NEWS भी 'poll of polls' सर्वे अपने दर्शकों के लिए पेश करेगा. टुडेज चाणक्‍य (Today's Chanakya), रिपब्लिक-सी वोटर (Republic-CVoter), एबीपी-सीएसडीएस (ABP-CSDS), न्‍यूज18-आईपीएसओएस (News18-IPSOS), इंडिया टुडे-एक्सिस (India Today-Axis), टाइम्‍स नाऊ-सीएनएक्‍स (Times Now-CNX), न्‍यूज एक्‍स-नेता (NewsX-Neta) अपने एग्जिट पोल पेश करेंगे. इनके आधार पर Zee News अपना महा Exit Poll पेश करेगा.

Exit Poll 2019: आखिर क्‍या होता है Exit Poll, कैसे होता है तैयार, यहां जानिये हर बात...

उल्‍लेखनीय है कि एग्जिट पोल 2019 के नतीजे (Lok Sabha Exit Poll Result) तभी घोषित किए जाएंगे जब लोकसभा के सभी सातों चरणों के चुनाव संपन्‍न हो जाएंगे. इस संबंध में चुनाव आयोग ने मार्च में जब चुनावी कार्यक्रम घोषित किया था तभी मीडिया के लिए भी एडवाइजरी जारी की थी कि 19 मई को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का चुनाव संपन्‍न होने के बाद ही Exit Poll नतीजों को प्रसारित किया जा सकेगा. ये एडवाइजरी आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम विधानसभा चुनावों के संबंध में भी लागू है. इस तरह 19 मई को लोकसभा के सातवें चरण का मतदान शाम को समाप्‍त होने के बाद ही एग्जिट पोल के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

हालांकि ये भी सही है कि Exit Poll की भविष्‍यवाणियां हमेशा सही साबित नहीं होतीं लेकिन चुनावी विश्‍लेषकों की राय है कि इससे मोटेतौर पर उभरने वाले राजनीतिक परिदृश्‍य की संभावना के बारे में एक आइडिया मिलता है. वास्‍तव में एग्जिट पोल में ये होता है कि इस तरह का सर्वे करने वाली एजेंसियां वोट देने वालों से पूछती हैं कि उन्‍होंने आखिर किसे वोट दिया? उसी आधार पर वे अपने चुनावी ट्रेंड/ नतीजों की भविष्‍यवाणी (Lok Sbaha Election Exit Poll Predictions) करती हैं.

2014 एग्जिट पोल के नतीजे
2014 में कई चैनलों के एग्जिट पोल के नतीजों में बताया गया था कि बीजेपी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा प्राप्‍त कर लेगी. उनकी यह बात सच भी साबित हुई. बीजेपी के नेतृत्‍व में एनडीए के बारे में एबीपी न्‍यूज-नीलसन, सीएनएन आईबीएन- सीएसडीएस, इंडिया टुडे-सिसेरो, इंडिया टीवी-सी वोटर, न्‍यूज 24-चाणक्‍य, टाइम्‍स नाऊ-ओआरजी इंडिया ने क्रमश: 281, 270-282, 261-283, 289, 340 और 249 सीटों का अनुमान व्‍यक्‍त किया गया था. इसी तरह कांग्रेस के नेतृत्‍व में यूपीए के बारे में इन्‍हीं चैनलों/एजेंसियों ने क्रमश: 97, 92-102, 110-120, 101, 70 और 148 सीटों की घोषणा की थी. अन्‍य दलों के बारे में क्रमश: 165, 150-159, 150-162, 153, 133 और 146 सीटों का अनुमान व्‍यक्‍त किया गया था.

एनडीए
इन आंकड़ों का यदि विश्‍लेषण किया जाए तो पता चलता है कि सभी सर्वे में ये घोषणा की गई थी कि बीजेपी को 200 से अधिक सीटें मिलेंगी. उल्‍लेखनीय है कि उससे पहले 1998 और 1999 के चुनाव में बीजेपी का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन 182 सीटों का रहा था.

कांग्रेस
इसी तरह टाइम्‍स नाऊ-ओआरजी को छोड़कर लगभग सभी सर्वे में ये घोषणा की गई थी कि कांग्रेस को अपने दम पर 100 से भी कम सीटें मिलेंगी. केवल टाइम्‍स नाऊ-ओआरजी ने कहा था कि कांग्रेस को 100 से अधिक सीटें मिलेंगी. इन सभी सर्वे में ये बात भी खास थी कि बीजेपी को सबसे अधिक फायदा उत्‍तर प्रदेश से होगा. सभी सर्वे में ये कहा गया था कि यूपी की 80 सीटों में से बीजेपी को 45 से अधिक सीटें मिलेंगी.

उस एग्जिट पोल में एक भविष्‍यवाणी और भी सच निकली थी कि राष्‍ट्रीय पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस को छोड़कर क्षेत्रीय दलों में से ममता बनर्जी की टीएमसी और तमिलनाडु की तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री जयललिता की अन्‍नाडीएमके को ही 20 से अधिक सीटों पर कामयाबी मिलेगी. ये भविष्‍यवाणी भी सच साबित हुई.