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लोकसभा चुनाव 2019: पिता को मिला था गढ़वाल की जनता का साथ, क्‍या अब मनीष खंडूरी जीत पांएगे दिल!

कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार मनीष खंडूरी इंजीनियरिंग के साथ साथ मीडिया के ज्ञान में भी अपनी पकड़ रखते हैं.

लोकसभा चुनाव 2019: पिता को मिला था गढ़वाल की जनता का साथ, क्‍या अब मनीष खंडूरी जीत पांएगे दिल!
गढ़वाल से मनीष खंडूरी के उम्मीदार होने से कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है.(फाइल फोटो)

नई दिल्लीः उत्तराखंड की चर्चित लोकसभा सीट गढ़वाल से कांग्रेस ने भाजपा को हराने के लिए भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम बीसी खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी को चुनावी मैदान में उतारा है. उत्तराखंड की 5 सीटों में से एक पौड़ी गढ़वाल हाई प्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र है. 1991 से पहले यह सीट ज्यादातर कांग्रेस के पास ही रही है लेकिन 1991 के बाद से यहा कांग्रेस को सिर्फ दो बार ही जीत हांसिल हुई है. मनीष मौजूदा समय में एक कारोबारी व्यक्ति हैं.

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भाजपा ने यहां से तीरथ सिंह रावत को मैदान में उतारा है. 23 मई को यह पूरी तरह से साफ हो जाएगा कि क्या यहां कि जनता मनीष का साथ देती है या नहीं. मनीष ने सभी लोगों को आश्चर्य में डाल दिया था जब उन्होंने कांग्रेस का हांथ थामा. मनीष के पिता बीसी खंडूरी परंपरागत रूप से भाजपा के सदस्य है इससे अलग सोच रखने वाले मनीष का यह निर्णय सभी को चौंकाने वाला था.

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मनीष खंडूरी जीवन परिचय
मनीष खंडूरी का जन्म 16 अक्टूबर 1968 को गढ़वाल में हुआ था. मनीष बचपन से ही पढ़ाई में उच्च विद्यार्थी थे. कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार मनीष खंडूरी इंजीनियरिंग के साथ साथ मीडिया के ज्ञान में भी अपनी पकड़ रखते हैं. उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक गढ़वाल से मनीष खंडूरी के उम्मीदार होने से कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है और जनता के मन में भी इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 

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मनीष खंडूरी के कांग्रेस के साथ जाने पर उनके पिता बीसी खंडूरी ने कहा कि उनको किसी भी पार्टी में जाने का अधिकार है और यह उनका ही निर्णय है. मनीष ने अपने एक बयान में कहा था कि हमारे परिवार का राजनीतिक जुड़ाव बहुत पुराना है और मुझे विश्वास है कि जनता मेरा साथ देगी.