लोकसभा चुनाव 2019: कालाहांडी सीट पर है कांटे की टक्कर

 इस सीट पर बीजेडी ने पूष्पेंद्र सिंह देव को टिकट दिया है. जबकि बीजेपी ने बसंत कुमार पांडा और कांग्रेस ने भक्त चरण दास को उतारा है. 

लोकसभा चुनाव 2019: कालाहांडी सीट पर है कांटे की टक्कर
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: कालाहांडी लोकसभा क्षेत्र में पहले चरण (11 अप्रैल) को वोट डाले गए हैं. इस सीट पर बीजेडी ने पूष्पेंद्र सिंह देव को टिकट दिया है. जबकि बीजेपी ने बसंत कुमार पांडा और कांग्रेस ने भक्त चरण दास को उतारा है. 

2014 के चुनाव में यहां से बीजेडी के अरका केसरी देव ने जाती हासिल की थी. उन्हें 3,70,871 (33.19%) वोट मिले थे. इस चुनाव में बीजेपी को मोदी लहर का फायदा मिलता दिखा हालांकि चुनाव नहीं जीत पाई. बीजेपी को यहां से 3,14,524 (28.14%) वोट मिले थे. 2009 में लोकसभा चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के भक्त चरण दास तीसरे नंबर रहे थे. उन्हें 3,07,967 (27.56%) वोट मिले थे. 

कालाहांडी सीट का राजनीतिक इतिहास 
इस सीट का इतिहास बताता है कि यहां पर प्रताप केसरी देव का लंबे समय तक वर्चस्व रहा. उन्होंने अलग-अलग दलों के टिकट पर इस सीट से पांच बार चुनाव जीता. भक्त चरण दास भी यहां से अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और उन्होंने तीन बार चुनाव जीता है. 

1952 में हुए पहले चुनाव में कालाहांडी से गणतंत्र परिषद को जीत मिली थी. 1957 यहां से प्रताप केसरी देव ने यह चुनाव में गणतंत्र परिषद के टिकट पर जीता. इसके बाद के तीन चुनावों - 1962, 1967 और 1971 में प्रताप केसरी देव ने यहां स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार पर चुनाव जीता. 1977 में प्रताप केसरी देव इस सीट पर निर्देलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े और उन्हें सफलता भी मिली. 

1980 और 1984 के चुनावों में यहां कांग्रेस को सफलता मिली. 1989 में भक्त चरण दास ने जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीता. 1991 में इस सीट पर एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा जमाया. 1996 में फिर से यहां से भक्त चरण दास चुनाव जीते, इस बार वह समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के टिकट पर चुनाव लड़ा था. 

1998 में पहली बार इस सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की. इसके बाद 1999 और 2004 में भी बीजेपी को इस सीट पर सफलता मिली. 2009 में भक्त चरण दास कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और सफलता हासिल की.