आणंद लोकसभा सीटः कांग्रेस का गढ़ में क्या बीजेपी को मिलेगा फिर मौका?
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आणंद लोकसभा सीटः कांग्रेस का गढ़ में क्या बीजेपी को मिलेगा फिर मौका?

आणंद लोकसभा सीट पर 16 बार चुनाव में केवल तीन बार ही बीजेपी ने जीत हासिल की है.

आणंद सीट पर बीजेपी के लिए कड़ा मुकाबला हो सकता है. (प्रतीकात्मक फोटो)

आणंदः गुजरात प्रदेश के आनंदपुर नगर का नाम अब आणंद कर दिया गया है. आणंद को देश की 'मिल्क सिटी' के नाम से जाना जाता है. दुग्ध क्रांति इसी शहर पर आधारित है. वहीं, लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मस्थली भी आणंद ही है.

आणंद लोकसभा सीट पर कांग्रेस का ज्यादा राज रहा है. यहां बीजेपी ने कांग्रेस के मुकाबले काफी कम जीत हासिल की है. 1957 में आणंद सीट पर पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ था जिसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. वहीं, 1989 में बीजेपी को यहां पहली बार जीत हासिल हुई थी. बीजेपी के टिकट से नाथूभाई ने जीत दर्ज की थी.

आणंद लोकसभा सीट पर 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुका है. जिसमें बीजेपी केवल तीन बार ही जीत दर्ज कर पाई है. 1989 के बाद कांग्रेस ने 1991 में बीजेपी से यह सीट फिर अपने पाले में कर लिया था. ईश्वर भाई ने 1991 में जीत हासिल की थी जिसके बाद 1996 और 1998 में कांग्रेस को जीत दिला कर ईश्वर भाई ने जीत की हैट्रिक लगाई थी. हालांकि 1999 में दिपकभाई बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी.

वहीं, 2004 के लोकसभा चुनाव में फिर से यह कांग्रेस के पाले में चली गई. भारतसिंह ने कांग्रेस के टिकट से 2004 और 2009 में दो बार लगातार जीत दर्ज की थी. हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भारतसिंह जीत की हैट्रिक लगाने से चुक गए थे. जबकि दिलीपभाई पटेल ने बीजेपी को 2014 में जीत दिलाई थी.

अब 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए आणंद सीट पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी को फिर से मौका पाने के लिए चुनाव में मशक्कत करनी पड़ सकती है.

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