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लोकसभा चुनाव 2019: BJP का मजबूत गढ़ है भिंड, 30 सालों से लगातार कर रही है राज

पिछले 30 सालों में कांग्रेस ने यहां जीतने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रहीं. भिंड की जनता पर बीजेपी का प्रभाव कुछ इस कदर हावी है कि  8 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने 5 चेहरे बदले, लेकिन फिर भी जीत भाजपा के हाथ ही लगी. 

लोकसभा चुनाव 2019: BJP का मजबूत गढ़ है भिंड, 30 सालों से लगातार कर रही है राज
भिंड से वर्तमान सांसद डॉ भागीरथ प्रसाद (फोटो साभारः facebook)

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश की भिंड लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है. पिछले 30 सालों में कांग्रेस ने यहां जीतने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रहीं. भिंड की जनता पर बीजेपी का प्रभाव कुछ इस कदर हावी है कि 8 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने 5 चेहरे बदले, लेकिन फिर भी जीत भाजपा के हाथ ही लगी. बता दें अब तक इस सीट पर 14 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से 10 चुनावों में भाजपा और जनसंघ का परचम लहराया है और कांग्रेस 3 बार तो बीएलडी एक बार भिंड में जीत हासिल कर पाई है.

भिंड का राजनीतिक इतिहास
भिंड में पहला लोकसभा चुनाव 1962 में हुआ, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी सूरज प्रसाद ने जीत हासिल की थी. 1967 में कांग्रेस का पत्ता काट कर जनसंघ के वाई एस कुशवाहा ने यहां जीत हासिल की और 1971 के चुनाव में ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने कांग्रेस के नरसिंह राव दीक्षित को हराकर भिंड में जीत हासिल की. 1980 में कांग्रेस के कालीचरण शर्मा ने जीत हासिल की तो वहीं 1984 में भी कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा सिंह ने ही विजय हासिल की. 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा सिंह ने बीजेपी उम्मीद्वार और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की बेटी वसुंधरा राजे सिंधिया को भारी मतों के अंतर से हराया था.

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1989 में फिर यहां कमल खिला और नरसिंह राव दीक्षित ने जीत हासील की. इसके बाद से अब तक यहां बीजेपी का ही कब्जा है. 1991 में बीजेपी के योगानंद सारस्वती, 1996 में रामलखन सिंह ने यहां जीत हासिल की. रामलखन सिंह ने यहां 1998, 1999 और 2004 के चुनाव में लगातार जीत हासिल की. 2009 में परिसीमन के बाद यह सीट अनूसूचित जाति के उम्मीद्वार के लिए आरक्षित हो गई. जिसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अशोक अर्गल को जीत मिली तो 2014 की मोदी लहर में भागीरथ प्रसाद को इसका पूरा फायदा मिला और उन्होंने बड़े मतों के अंतर से जीत हासिल की.

2014 के राजनीतिक समीकरण
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी डॉ भागीरथ प्रसाद ने जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इमरती देवी को 1,59,961 वोटों के अंतर से हराया था. इस चुनाव में जहां डॉ भागीरथ प्रसात को 4,04,474 वोट मिले तो कांग्रेस प्रत्याशी इमरती देवी को 2,44,513 वोट ही मिल सके. इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को ही भिंड में जीत नसीब हुई थी. इस चुनाव में अशोक अर्गल ने बीजेपी को जीत दिलाई थी.

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सांसद का रिपोर्ट कार्ड
1975 बैच के आईएएस अफसर रह चुके भिंड से सांसद डॉ भागीरथ प्रसाद को उनके निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 25 करोड़ का फंड आवंटित किया गया, जिसमें से उन्होंने करीब 22 करोड़ खर्च किया, जबकि 3 करोड़ फंड बिना खर्च किए रह गया. वहीं बात अगर संसद में उनके प्रदर्शन कि की जाए तो ससंद में डॉ भागीरथ की उपस्थिति 85 फीसदी रही. इस दौरान उन्होंने 26 बहस में हिस्सा लिया और 74 सवाल पूछे.