लोकसभा चुनाव 2019: जानिए पश्चिम बंगाल की बिष्‍णुपुर लोकसभा सीट के बारे में

बिष्णुपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 7 विधानसभा सीटे आती हैं, जिनमें बरजोरा, ओण्डा, बिष्णुपुर, कटुलपुर, इंडस, सोनामुखी और खण्डाघोष शामिल हैं. कटुलपुर, इंडस, सोनामुखी और खण्डाघोष अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.  

लोकसभा चुनाव 2019: जानिए पश्चिम बंगाल की बिष्‍णुपुर लोकसभा सीट के बारे में
फाइल फोटो.

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा जब से अस्तित्व में आई है, कांग्रेस ने दो बार लगातार इस सीट पर जीत का परचम लहराया है. वक्त बदला तो सीट ने भी मिजाज बदला और कांग्रेस के पाले से खिसकर सीपीएम के पास चली गई.  फिर 1971 से 2009 के बीच 11 बार CPM के अजित कुमार साहा चार बार, सुखेंदु खान दो बार, संध्या बौरी 3 बार लगातार और सुष्मिता बौरी दो बार सांसद बनीं.

पर्यटन है चुनावी मुद्दा
प्राकृतिक सौंदर्य और आर्थिक तौर पर धनी इस सीट पर चुनावी मुद्दा रोजगार या अन्य सामान्य नहीं है, बल्कि पर्यटन ही मुद्दा है. बिष्णुपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 7 विधानसभा सीटे आती हैं, जिनमें बरजोरा, ओण्डा, बिष्णुपुर, कटुलपुर, इंडस, सोनामुखी और खण्डाघोष शामिल हैं. कटुलपुर, इंडस, सोनामुखी और खण्डाघोष अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.

क्या कहता है इन चुनावों का समीकरण
2014 में तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर 2009 के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ कर 45 प्रतिशत हो गया. वहीं भाजपा के डा. जयंत मोंडल का वोट प्रशित 14 प्रतिशत रहा. कांग्रेस का 2 प्रशित और बाकी की सभी पार्टियों और स्‍वतंत्र पार्टियों का वोटशेयर 1 प्रतिशत से नीचे रहा. 2019 के चुनाव में तृणमूल के लिये बड़ी चुनौती होगी, क्‍योंकि बिष्‍णुपुर के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से दो सीटें सीपीएम और एक कांग्रेस के पास है. और टीएमसी के ये वोट इन पार्टियों की ओर 2016 में गये यानी 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद. लिहाजा इस सीट पर सीपीएम और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है.