महाराजगंज लोकसभा सीट : 2014 में यहां पहली बार 'खिला था कमल'

1957, 1962, 1967 में इस सीट से कांग्रेस, 1971 में एसएसपी, 1977 में बीएलडी, 1980-1984 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी.

महाराजगंज लोकसभा सीट : 2014 में यहां पहली बार 'खिला था कमल'
2014 में पहली बार बीजेपी को इस सीट पर जीत मिली थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महारागंज : बिहार की महाराजगंज लोकसभा सीट पर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जनार्दन सिंह सिगरीवाल का कब्जा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यहां पहली बार जीत हासिल की थी. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के दबंद उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह को पटखनी दी थी. राजपूतों का गढ़ में सदैव राजपूत उम्मीदवारों का ही दबदबा रहा है. प्रभुनाथ सिंह और उमा शंकर सिंह जैसे दबंग छवि वाले नेताओं के कारण यह सीट सदैव चर्चा में रही है. प्रभुनाथ सिंह इस वक्त हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं.

महाराजगंज संसदीय सीट के अंतर्गत विधानसभा की छह सीटें आती हैं. 1957, 1962, 1967 में इस सीट से कांग्रेस, 1971 में एसएसपी, 1977 में बीएलडी, 1980-1984 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. 1989 में समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय), 1991 में जनता दल, 1996 में समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के खाते में यह सीट गई. 1998, 1999, 2004 में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने इस सीट पर झंडा गाड़ा. 2009 और 2013 (उप चुनाव) में आरजेडी ने यह सीट जीती. 2013 में प्रभुनाथ सिंह सांसद बने थे.

महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र में आरजेडी का तीन विधानसभा सीटों पर कब्जा है. जेडीयू के पास दो सीटें हैं. वहीं, एक सीट कांग्रेस के पास है. गोरियाकोठी, बनियापुर और तरैया की सीटें आरजेडी के पास हैं, जबकि महाराजगंज और एकमा विधानसभा सीटों पर जेडीयू का कब्जा है. मांझी विधानसभा सीट कांग्रेस के पास है.

2014 के चुनाव परिणाम पर अगर गौर करें तो महाराजगंज सीट पर कुल 846654 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इस सीट पर कुल 1642068 मतदाता हैं. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार जनार्दन सिंह सिग्रीवाल 320753 मतों के साथ चुनाव जीते. वहीं, आरजेडी के प्रभुनाथ सिंह के खाते में 282338 मत पड़े थे और जेडीयू उम्मीदवार मनोरंजन सिंह को 149436 वोट मिले थे.