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वैशाली : RJD को उसके गढ़ में लोजपा ने दी थी मात, 2014 में रामा सिंह बने सांसद

2014 में देश में परिवर्तन की लहर थी. मोदी लहर में आरजेडी को भी वैशाली सीट गवानी पड़ गई थी.

वैशाली : RJD को उसके गढ़ में लोजपा ने दी थी मात, 2014 में रामा सिंह बने सांसद
2014 में लोजपा को मिली थी वैशाली लोकसभा सीट पर जीत. (फाइल फोटो)

वैशाली : लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन सियासत तेज है. गंगा नदी के एक किनारे पर पटना जिला तो वहीं दूसरी तरफ वैशाली लोकसभा स्थित है. छह विधानसभा वाले वैशाली सीट पर फिलहाल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का कब्जा है. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में रामा सिंह इस सीट से सांसद बने थे. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को उसके गढ़ में मात दी थी. इस सीट पर 1996 से लगातार आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह चुनाव जीते थे.

रघुवंश प्रसाद सिंह 1996 में पहली बार जनता दल के टिकट पर सांसद बने. उसके बाद 1998, 1999, 2004 और 2009 में आरजेडी के सिंबल पर चुनाव जीतने में सफल रहे थे.

2014 में देश में परिवर्तन की लहर थी. मोदी लहर में आरजेडी को भी वैशाली सीट गवानी पड़ गई थी. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा रही लोजपा ने इस सीट से रामा सिंह को टिकट दिया था.

मोदी लहर में रघुवंश प्रसाद लगभग एक लाख वोट से हार गए थे चुनाव
2014 के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो वैशाली लोकसभा सीट पर कुल 1566321 मतदाता थे, जिनमें से 925926 लोगों ने चुनाव में वोट डाले. इस सीट पर कुल 22 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे थे. लोजपा उम्मीदवार रामा सिंह को सर्वाधिक 305450 वोट मिले, जो कि कुल मतों का 32.99 प्रतिशत था. वहीं, आरजेडी के खाते में 206183 लोगों का समर्थन मिला. लगातार पांच बार से चुनाव जीतते आ रहे आरजेडी उम्मीदवार रघुवंश प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा. इसी चुनाव में वैशाली लोकसभा सीट से बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की पत्नी अन्नू शुक्ला भी चुनाव लड़ी थी. उन्हें 104229 वोट मिले थे.   

कभी कांग्रेस का रहा था वैशाली पर कब्जा
वहीं, अगर इस सीट के इतिहास पर नजर डालें तो कभी यहां कांग्रेस का दबदबा रहता था. कांग्रेस के दिग्विजय नारायण सिंह 1952, 1957, 1962, 1967 और 1971 में लगातार इस सीट से सांसद रहे. 1977 और 1980 में जनता पार्टी की जीत के बाद, 1984 में फिर कांग्रेस को इस सीट पर सफलता मिली. 1989, 1991 में जहां जनता दल की जीत हुई तो वहीं, 1994 के उप चुनाव में समता पार्टी यहां विजय हुई थी.