इधर आप और कांग्रेस के बीच तालमेल को लेकर असमंजस, उधर दिल्‍ली में नामांकन शुरू

आम आदमी पार्टी (आप) ने सातों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है जबकि कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को तकरीबन अंतिम रूप दे दिया और नामों की जल्द घोषणा की उम्मीद है. भाजपा को भी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करना है.

इधर आप और कांग्रेस के बीच तालमेल को लेकर असमंजस, उधर दिल्‍ली में नामांकन शुरू

नई दिल्‍ली: दिल्ली की सात लोकसभा सीटों (lok sabha elections 2019) के लिए नामाकंन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. आम आदमी पार्टी (आप) ने सातों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है जबकि कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को तकरीबन अंतिम रूप दे दिया और नामों की जल्द घोषणा की उम्मीद है.

भाजपा को भी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करना है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सही वक्त पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी. नामांकन पर्चा भरने की अंतिम तारीख 23 अप्रैल है. इस दौरान गुड फ्राइडे और रविवार पड़ने की वजह से दो दिन छुट्टी रहेगी. नामांकनों की जांच 24 अप्रैल को की जाएगी जबकि नामांकन वापस लेने की तारीख 26 अप्रैल है. दिल्ली में 12 मई को मतदान होना है जबकि 23 मई को परिणाम आएंगे.

राहुल और केजरीवाल ने साधा एक दूसरे पर निशाना
दिल्ली में गठबंधन की संभावना को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन करने को तैयार है, लेकिन अरविंद केजरीवाल ‘यूटर्न’ ले रहे हैं. दूसरी तरफ, आप संयोजक केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस सिर्फ दिखावा कर रही है.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि गठबंधन को लेकर बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है. खबर यह भी है कि आप नेता संजय सिंह बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मुलाकात कर सकते हैं. गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन का मतलब भाजपा का सूपड़ा साफ होना है. यह सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस, आप को चार सीटें देने की इच्छुक है.' उन्होंने यह भी दावा किया, 'परन्तु केजरीवाल जी ने एक और यूटर्न ले लिया है.' गांधी ने कहा, 'हमारे दरवाजे अभी भी खुले हुए हैं, लेकिन समय बीता जा रहा है."

कांग्रेस अध्यक्ष के ट्वीट के जवाब में केजरीवाल ने कहा, ‘‘कौन सा यूटर्न? अभी तो बातचीत चल रही थी. आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है. मुझे दुःख है आप बयानबाज़ी कर रहे हैं. आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचाना अहम है. दुर्भाग्य कि आप उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बांट कर मोदी जी की मदद कर रहे हैं.’’

आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी जी 18 सीटों पर बीजेपी को हराने के लिए दिलचस्पी क्यों नही दिखा रहे हैं. राहुल जी ने 4 सीट का दरवाजा खोला है तो हमने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 18 सीट पर भाजपा को हराने के लिए दरवाजा खोल रखा है.’’ दरअसल, कांग्रेस गठबंधन सिर्फ दिल्ली में चाहती है तो आप दिल्ली के साथ हरियाणा और चंडीगढ़ में भी तालमेल पर जोर दे रही है.

कांग्रेस का रुख स्पष्ट, अब गेंद आप के पाले में है: अहमद पटेल
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने सोमवार को कहा उनकी पार्टी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ 4-3 फार्मूले के तालमेल वाले अपने रुख पर कायम है और अब फैसला आप को करना है. पटेल ने ट्वीट कर कहा, ' हम स्पष्ट तौर पर कहना चाहते हैं. हमारी दिल्ली इकाई के विरोध के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में आप के साथ तालमेल का फॉर्मूला निकालने के लिए स्थानीय नेताओं को मनाया. परंतु आप ने हरियाणा में भी सीटों की मांग पर जोर दिया." उन्होंने कहा, 'हमारा रुख स्पष्ट है. अब गेंद उनके पाले में है.'