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आरजेडी ने किया 'ताड़ी' को वैध करने का वादा, जानें घोषणा पत्र की मुख्य बातें

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 'प्रतिबद्धता पत्र' नाम से पार्टी का घोषणापत्र जारी किया है. 

आरजेडी ने किया 'ताड़ी' को वैध करने का वादा, जानें घोषणा पत्र की मुख्य बातें
आरजेडी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए घोषणा पत्र जारी किया है.

पटनाः आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 'प्रतिबद्धता पत्र' नाम से पार्टी का घोषणापत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने पिछड़ों, दलितों को आबादी के हिसाब से आरक्षण देने का वादा किया. वहीं, ताड़ी को बेचना और खरीदना भी गैर-कानूनी नहीं होगा इसकी घोषणा की गई है. उन्होंने कहा कि गरीबों के हित को ध्यान में रखकर ऐसा किया जाएगा. साथ ही बिहार से पलायन रोकने के लिए विशेष प्रावधान करने का वादा किया है. 

आरजेडी घोषणा पत्र में सामाजिक न्याय की बात तो की गई है लेकिन इस घोषणा पत्र से सवर्ण आरक्षण गायब है. इस बारे में जब तेजस्वी यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमने सवर्ण आरक्षण का विरोध नहीं किया है, लेकिन राजद चाहती है कि जातीय जनगणना के आधार पर ही आरक्षण की व्यवस्था हो. राजद दलितों और पिछड़ों को आबादी के अनुसार आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही हम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं.

तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र सही है और राजद उससे सहमत है. राष्ट्रीय रोजगार गारंटी प्रोग्राम का पूरे भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा हर राज्य के हिसाब से कम से कम 150 दिन का न्यूनतम वेतन पर व्यस्त व्यक्ति को मिलेगा. तेजस्वी यादव ने कहा कि हम सामाजिक न्याय की दिशा में मंजिल हासिल करेंगे. उस लक्ष्य को हासिल करेंगे, जिसे बाबा साहब आंबेडकर ने दिया था और मेरे पिता लालू प्रसाद ने गरीबों की भलाई के लिए देखा था.

आरजेडी की घोषणापत्र में किए गए मुख्य वादे 

1.दलितों को आबादी के हिसाब से आरक्षण दिया जाएगा. 
2.मंडल कमिशन के तहत आरक्षण का वादा. 
3.प्रवासी बिहारियों के लिए हेल्थ सेंटर बनाएंगे. 
4.बिहार से पलायन रोकने की योजना पर काम होगा. 
5.ताड़ी खरीदना-बेचना गैरकानूनी नहीं होगा. 
6.खाली पड़े सरकारी पदों को भरा जाएगा. 
7.निजी क्षेत्र में नौकरियों में आरक्षण का भी वादा, प्रमोशन में आरक्षण के लिए कदम उठाए जाएंगे. 
8.200 पॉइंट रोस्टर को संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा. 
9.खाली पड़े सरकारी पदों को भरा जाएगा. 
10.2021 तक बिहार में जातिगत जनगणना कराएंगे. 
11.शिक्षा में जीडीपी का 6 फीसदी लगाएंगे. 
12. स्वास्थ्य में जीडीपी का 4 फीसदी लगाएंगे.