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सैम पित्रोदा बोले, 'राजीव के समय संचार क्रांति हुई, राहुल PM बने तो कई क्रांतियां होंगी'

पित्रोदा ने कांग्रेस की प्रस्तावित ‘न्याय’ योजना को ‘गेमचेंजर’ करार देते हुए कहा, ‘‘लोग कह रहे हैं कि पैसा कहां से आएगा? हमने पर इस बहुत बातचीत की है.

सैम पित्रोदा बोले, 'राजीव के समय संचार क्रांति हुई, राहुल PM बने तो कई क्रांतियां होंगी'
फाइल फोटो

नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबियों में शुमार और ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ के प्रमुख सैम पित्रोदा ने मंगलवार को कहा कि राजीव गांधी की सरकार में दूरसंचार क्रांति हुई थी, लेकिन इस लोकसभा चुनाव के बाद अगर राहुल प्रधानमंत्री बने तो देश में विभिन्न क्षेत्रों में कई क्रांतियां (मल्टीपल रिवोल्यूशन) होंगी. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह भी दावा किया कि गांधी के नेतृत्व में सरकार बनती है तो देश 10 फीसदी की विकास दर से आगे बढ़ेगा.

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में कांग्रेस के प्रचार में जुटे पित्रोदा ने मोदी सरकार के आर्थिक विकास से जुड़े दावों को लेकर उस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये लोग अर्थव्यवस्था से जुड़े डेटा के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. आप जमीन पर जाकर लोगों से बात करिए तो पता चलेगा कि लोगों के पास नौकरी नहीं है, लोगों का कारोबार नहीं चल रहा है.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहना ही है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा युवा आबादी है. दूसरे देशों की बड़ी आबादी बुजुर्ग हो गई तो फिर वो क्या खरीदेंगे? अब पूरी दुनिया में ज्यादातर जगहों पर बाजार नहीं रहा. जापान जैसे देश में तो स्कूल बंद हो रहे हैं क्योंकि बच्चे नहीं है. हमारे यहां जितना स्कूल बनाइए वो कम हैं.’’ 

पित्रोदा ने कहा, ‘‘हमारा बाजार बड़ा है. हमें तो विकास करना ही है. लेकिन हमें यह देखना होगा कि हमारी विकास दर पांच फीसदी, छह फीसदी है, या फिर 10 फीसदी है. मैं चाहता हूं कि देश अगले 20 वर्षों तक 10 फीसदी की विकास दर से आगे बढ़े.’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘10 फीसदी की विकास दर संभव है. अगर राहुल जी के नेतृत्व में सरकार बनती है तो हम 10 फीसदी की विकास दर संभव करके दिखाएंगे. हम जानते हैं कि देश को विकास के मार्ग पर कैसे आगे बढ़ाना है.’’ 

यह पूछे जाने पर कि सरकार बनने पर कांग्रेस 10 फीसदी की विकास दर कैसे हासिल करेगी तो पित्रोदा ने कहा, ‘‘हम अपने नौजवानों की ऊर्जा का सदुपयोग करेंगे. हम सुनिश्चित करेंगे कि नए और युवा उद्यमियों को सरकार के किसी तरह के हस्तक्षेप का सामना नहीं करना पड़े. हम विकास का नया मार्ग तैयार करेंगे. निवेश का उचित माहौल बनाएंगे. इसलिए कहता हूं कि इस देश को युवा नेतृत्व और खुले दिमाग के नेतृत्व की जरूरत है. ऐसा नेता नहीं चाहिए जो सिर्फ भाषणबाजी करता हो.’’ 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘राजीव गांधी के समय दूरसंचार क्रांति हुई थी. अगर राहुल गांधी सरकार में आते हैं तो कई क्रांतियां (मल्टीपल रिवोल्यूशंस) होंगी. सबसे पहले हम शिक्षा में क्रांति ला सकते हैं. शिक्षा के क्षेत्र में भारत विश्व गुरू बन सकता है. हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे आगे हो सकते हैं. हम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अगुवा हो सकते हैं. हम 10 साल में इस देश को बदल सकते हैं.’’ 

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पित्रोदा ने कांग्रेस की प्रस्तावित ‘न्याय’ योजना को ‘गेमचेंजर’ करार देते हुए कहा, ‘‘लोग कह रहे हैं कि पैसा कहां से आएगा? हमने पर इस बहुत बातचीत की है. मनरेगा के समय भी यही प्रश्न किया गया था कि पैसा कहां से आयेगा? मनरेगा लागू हुआ और इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास पैसा पहुंचा. इसी तरह न्याय से लोगों से पैसा पहुंचेगा तो अर्थव्यवस्था बढ़ेगी.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर परिवार में कोई कमजोर है तो उसका परिवार के लोग ध्यान नहीं रखेंगे? यह झूठ है कि न्याय को लागू करने के लिए कर बढ़ाया जाएगा. हमारी अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी है. पांच करोड़ परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये देते हैं तो हर साल करीब 50 अरब डॉलर खर्च होगा. इसे लागू करना हमारी अर्थव्यवस्था में पूरी तरह संभव है.’’ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए पित्रोदा ने कहा, ‘‘ इन्होंने कुछ काम नहीं किया है. लोग हिसाब मांग कर रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि नौकरियों का क्या हुआ? काले धन का क्या हुआ? अब इसका जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो दूसरी बातें कर रहे हैं.’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि नोटबंदी और जीएसटी को सही ढंग से लागू नहीं करने के कारण अर्थव्यवस्था नष्ट हो गई.