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अक्षय को आशीर्वाद देने के सवाल पर बोले शिवपाल, 'चुनाव के समय कोई रिश्तेदारी नहीं'

 प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को फिरोजाबाद से अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन के बाद उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी.

अक्षय को आशीर्वाद देने के सवाल पर बोले शिवपाल, 'चुनाव के समय कोई रिश्तेदारी नहीं'
2014 के चुनाव में अ‍क्षय यादव ने एक लाख से ज्याद वोट से जीत हासिल की थी.

फिरोजाबाद: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को फिरोजाबाद से अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन के बाद उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी का मुकाबला बीजेपी से है. प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव इस बार फिरोजाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला भतीजे अक्षय यादव है.

अक्षय सपा-बसपा गठबंधन के साझा उम्मीदवार हैं. अक्षय ने कचहरी में नामांकन दाखिल करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में चाचा शिवपाल यादव से चुनावी टक्कर के बारे में पूछे जाने पर कहा, बड़ों का कार्य होता है छोटों को आशीर्वाद देना. उन्होंने (शिवपाल) एक भतीजे (सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव) को मुख्यमंत्री बनाया था, दूसरा भतीजा लोकसभा का चुनाव लड़ रहा है, उसे भी आशीर्वाद दें. 

जब अक्षय के सवाल का जवाब संवाददाताओं ने शिवपाल से लेना चाहा तो उन्होंने कहा, "मैं यहां रिश्तेदारी निभाने नहीं आया. मैं लोगों की मांग पर चुनाव लड़ने आया हूं. मुझे केवल फिरोजाबाद और उत्तर प्रदेश के लोगों को देखना है." 

अक्षय का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "जो लोग मेरा आशीर्वाद मांग रहे हैं, वे चुनाव बाद भी ऐसा कर सकते हैं. मैं चुनावी मैदान में हूं. मुझे फिलहाल केवल जनता को देखना है." 

 

शिवपाल ने कहा कि वह कई छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय दलों के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, "हमने प्रदेश की 41 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं. हमने 11 अन्य राज्यों पर भी प्रत्याशी घोषित किए हैं. हमने बहुजन मुक्ति पार्टी और पीस पार्टी से गठबंधन किया है. 50 छोटी पार्टियां हमारा समर्थन कर रही हैं." 

2014 में एक लाख से ज्यादा वोट से जीते थे अक्षय
2014 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद सपा यह सीट जीतने में कामयाब रही थी. अ‍क्षय यादव ने बीजेपी के एसपी सिंह बघेल को एक लाख से ज्याद वोट से हराया था. अक्षय को 5,34,583 वोट मिले थे. देखना होगा कि इस बार अक्षय अपनी सीट बचा पाते हैं या नहीं क्योंकि इस बार उनका सामना अपने चाचा शिवपाल से है. बीजेपी ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया.